Tuesday, 31 January 2023, 9:01 AM

जीवन मंत्र

जीना और मरना

Updated on 30 January, 2023, 6:00
जिस भांति हम जीते हैं उसे जीवन नाममात्र को ही कहा जा सकता है। हमे न जीवन का पता है; न जीवन के रहस्य का द्वार खुलता है। न जीवन के आनंद की वष्रा होती है; न हम यह जान पाते हैं कि हम क्यों जी रहे हैं किसलिए जी... आगे पढ़े

दुखी रहने वाले लोगों को इन बातों से मिलती है शांति..

Updated on 27 January, 2023, 8:01
आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार ज्यादातर लोगों को सख्त और कठोर लगते हैं, लेकिन उनकी बातें जीवन का वास्तविक सत्य हैं. उनका बताई बातें आज भी लोगों का मार्गदर्शन करती हैं. आचार्य चाणक्य ने तरक्की हासिल करने के कई राज बताएं हैं, जिन लोगों ने इसे जान लिया, इन... आगे पढ़े

सुखद जीवन के लिए सिर्फ धन की नहीं होती जरूरत..

Updated on 27 January, 2023, 7:00
हर व्यक्ति ये चाहता है कि उसके पास कभी धन की कमी न हो. इसलिए वह सुबह से शाम तक दौड़ता-भागता रहता है जिससे वह धन कमा सके. चाहे वो कोई छोटी चीज हो या बड़ी, बिना धन के उसे खरीदना संभव नहीं होता. भले ही जीवन में धन सब... आगे पढ़े

हाथ में नहीं टिकता पैसा तो एक बार जरूर अपनाएं ये उपाय, घर में आएंगी सुख-समृद्धि...

Updated on 26 January, 2023, 8:01
Garuda Puran: हिंदू धर्म में बहुत से ग्रंथ और महापुराण हैं और सभी का अपना विशेष महत्व है। महापुराणों में 18 महापुराण हैं जिनमें से गरुड़ पुराण भी प्रमुख है। धर्म शास्त्रों के मुताबिक किसी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात गरुड़ पुराण पढ़ा जाता है। मान्यता है कि व्यक्ति की... आगे पढ़े

Chanakya Neeti : दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं ये लोग, हमेशा बनाकर रखें दूरी...

Updated on 24 January, 2023, 8:01
Chanakya Neeti : चाणक्य नीति प्राचीन भारत के महान रणनीतिकार, विद्वान, शिक्षक, सलाहकार और अर्थशास्त्री चाणक्य द्वारा लिखी गई थी। मौर्य वंश की सफलता के पीछे चाणक्य की ही कूटनीति थी। चाणक्य को न केवल राजनीति बल्कि समाज के हर विषय का भी गहन ज्ञान और अंतर्दृष्टि थी। चाणक्य नीति... आगे पढ़े

Chanakya Niti: अच्छे नेता बनना चाहते हैं तो हमेशा रखें इन बातों का ध्यान...

Updated on 23 January, 2023, 7:01
Chanakya Neeti : आचार्य चाणक्य श्रेष्ठ विद्वान, एक अच्छे शिक्षक के अलावा एक कुशल कूटनीतिज्ञ, रणनीतिकार और अर्थशास्त्री भी थे। चाणक्य की नीतियां आज भी प्रसिद्ध हैं। आचार्य चाणक्य के द्वारा कही गई बातें और नीतियों के जरिए कोई भी इंसान अपने जीवन के बेहतर बना सकता है। चाणक्य न... आगे पढ़े

मनुष्य की कामयाबी में बाधा डालती हैं ये आदतें..

Updated on 22 January, 2023, 8:08
जिंदगी में कामयाबी का एकमात्र रास्ता कड़ी मेहनत ही है. लेकिन कई बार लोगों को उसमें भी नहीं सफलता मिलती है. जिसके कारण कई लोग निराश हो जाते हैं. आचार्य चाणक्य ने इसे लेकर चाणक्य नीति में बताया है कि मनुष्य में कई ऐसी खराब आदतें हैं, जो उन्हें कामयाब... आगे पढ़े

आचार्य चाणक्य नीति: घर के मुखिया में होने चाहिए ये 5 गुण, परिवार रहेगा खुशहाल...

Updated on 20 January, 2023, 7:01
आचार्य चाणक्य नीति:  आचार्य चाणक्य एक प्रसिद्ध कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। इनकी कूटनीतिज्ञता के कारण ही चंद्रगुप्त ने सम्राट का ताज पहना। आचार्य  चाणक्य ने अर्थशास्त्र के अतिरिक्त नीतिशास्त्र की रचना की। आचार्य द्वारा रचित नीतिशास्त्र वर्तमान समय के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसमें... आगे पढ़े

बसंत पंचमी पर करें मां सरस्वती के इन मंत्रों का जाप..

Updated on 19 January, 2023, 13:23
पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था। इसी के कारण इस दिन मां सरस्वती की विधिवत पूजा करने का विधान है। इसके साथ ही इस दिन से... आगे पढ़े

जो हो रहा है उसके जिम्मेदार हम खुद हैं 

Updated on 17 January, 2023, 6:45
हम मनुष्यों की एक सामान्य सी आदत है कि दु?ख की घड़ी में विचलित हो उठते हैं और परिस्थितियों का कसूरवार भगवान को मान लेते हैं। भगवान को कोसते रहते हैं कि हे भगवान हमने आपका क्या बिगाड़ा जो हमें यह दिन देखना पड़ रहा है। गीता में श्री कृष्ण... आगे पढ़े

मृत्यु की चिंता और चिंतन का महत्व

Updated on 2 January, 2023, 6:15
एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थे और उन्हें योगाभ्यास सिखाते थे। वह सत्संग भी करते थे। एक शिष्य चंचल बुद्धि का था। बार-बार गुरु से कहता आप कहां जंगल में पड़े हैं चलिए एक बार नगर की सैर करके आते हैं। महात्मा ने कहा... आगे पढ़े

भगवान का अचिंत्य ऐश्वर्य

Updated on 1 January, 2023, 6:30
भगवान भौतिक जगत के पालन व निर्वाह के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं। हम एटलस (एक रोमन देवता) को कंधों पर गोला उठाये देखते हैं। वह अत्यन्त थका लगता है और इस विशाल पृथ्वीलोक को धारण किये रहता है। हमें किसी ऐसे चित्र को मन में नहीं लाना... आगे पढ़े

झांसी की रानी का सर्वोत्तम बलिदान

Updated on 11 December, 2022, 6:30
बात उन दिनों की जब अंग्रेजों के हमले से झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के लिए किले की दीवारें टूटने लगीं और लड़ाई के लिए गिन-टूटने लगीं और लड़ाई के लिए गिनेृ-चुने सैनिक की शेष रह गए थे। तब यह निश्चय किया गया कि रानी को अन्यत्र चले जाना चाहिए। पर... आगे पढ़े

अहिंसा का स्वरूप 

Updated on 23 November, 2022, 6:00
सामान्यत: अहिंसा को निषेधार्थक माना जाता है। ‘न हिंसा -अहिंसा’- हिंसा का अभाव अहिंसा है, यह इसकी एकांगी परिभाषा है। इसको सर्वागीण रूप से परिभाषित करने के लिए इसके विधेयार्थ और निषेधार्थ दोनों को समझना जरूरी है। किसी प्राणी के प्राणों का वियोजन नहीं करना, इस सूत्र का हिंसा के... आगे पढ़े

'सुख' के मोह माया में फंसे व्यक्ति को परमात्मा भी नहीं पाते बचा

Updated on 20 November, 2022, 7:00
सुख की मोह माया में फंसे व्यक्ति को परमात्मा भी नहीं बचा सकते। एक इंसान घने जंगल में भागा जा रहा था। शाम हो चुकी थी, इसलिए अंधेरे में उसे कुआं दिखाई नहीं पड़ा और वह उसमें गिर गया। गिरते-गिरते कुएं पर झुके पेड़ की एक डाल उसके हाथ में आ... आगे पढ़े

मूल्य भावना का 

Updated on 19 November, 2022, 6:15
भगवान बुद्ध जेतवन में ठहरे हुए थे। हर सुबह वह भिक्षावृत्ति को निकलते तो उन्हें मार्ग में एक किसान अपने खेत में काम करता मिलता। अपने कार्य के प्रति उसकी निष्ठा देख बुद्ध के मन में उसके लिए करुणा उमड़ी। वह प्रतिदिन वहां रुककर उस किसान को कुछ उपदेश देने... आगे पढ़े

चैतन्यता जरूरी 

Updated on 16 November, 2022, 6:45
स्मृति और विस्मृति दोनों संतुलन अपेक्षित हैं। कुछेक व्यक्तियों में विस्मृति की बड़ी मात्रा होती है। वह हमारी चेतना की स्थिति को बहुत स्पष्ट करता है। एक व्यंग्य है। दो बहनें मिलीं। एक स्त्री ने कहा, मेरा पति बहुत भुलक्कड़ है। एक दिन बाजार में गया सब्जी लाने के लिए।... आगे पढ़े

संवेदनशील और सबल बनो 

Updated on 13 November, 2022, 6:00
सदाचार का तब तक पालन किए जाओ जब तक यह तुम्हारा स्वभाव न बन जाए। मित्रता, दया और ध्यान का अभ्यास जारी रखो। जब तक यह न समझ जाओ कि यह तुम्हारा स्वभाव है। जब कार्य स्वभावत: किया जाता है,तब तुम फल की लालसा नहीं रखते हो। सहजता से बस... आगे पढ़े

सफलता का मार्ग 

Updated on 13 November, 2022, 6:00
संग्रह की वृत्ति बहिमरुखता का लक्षण है। साधक क्षणजीवी होता है। अतीत की स्मृति और भविष्य की चिंता वह करता है जो आत्मस्थ नहीं होता। वर्तमान में जीना आत्मस्थता का प्रतीक है। एक साधक कल की जरूरत को ध्यान में रखकर संग्रह नहीं करता, पर एक व्यवसायी सात पीढ़ियों के... आगे पढ़े

मन में होना चाहिए सेवा का भाव

Updated on 11 November, 2022, 6:45
एक समय की बात है, कागावा नामक एक युवक जापान में रहता था। उसने अपनी पढ़ाई समाप्त करने के पश्चात जरूरतमंद जापानी लोगों व वहां के दीन-दुखियों की सेवा करने लगा। सेवा करते-करते उसे अपने कार्यों में इतना आनंद आने लगा कि उसने अन्य लोगों को भी इस सेवा कार्य में... आगे पढ़े

विचारों की तरंगें

Updated on 9 November, 2022, 6:15
राजा की सवारी निकल रही थी। सर्वत्र जय-जयकार हो रही थी। सवारी बाजार के मध्य से गुजर रही थी। राजा की दृष्टि एक व्यापारी पर पड़ी। वह चन्दन का व्यापार करता था। राजा ने व्यापारी को देखा। मन में घृणा और ग्लानि उभर आई। उसने मन ही मन सोचा, 'यह... आगे पढ़े

अज्ञान का आवरण

Updated on 8 November, 2022, 6:00
गुरू के पास डंडा था। उस डंडे में विशेषता थी कि उसे जिधर घुमाओ, उधर उस व्यक्ति की सारी खामियां दिखने लग जाएं। गुरू ने शिष्य को डंडा दे दिया। कोई भी आता, शिष्य डंडा उधर कर देता। सब कुरूप-ही-कुरूप सामने दीखते। अब भीतर में कौन कुरूप नहीं है? हर... आगे पढ़े

जीवन जीने का सही मार्ग दिखाते हैं गुरु नानक देव के ये अनमोल वचन

Updated on 7 November, 2022, 6:45
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु नानक जी की जयंती मनाई जाती है।इस साल 8 नवंबर को गुरु नानक देव जी की जयंती है। गुरु नानक जी सिखों के पहले गुरु और सिख धर्म के संस्थापक हैं। सिख धर्म को मानने वालों के... आगे पढ़े

सहन करना सीखें

Updated on 7 November, 2022, 6:15
व्यक्ति स्वयं ही बेचैनी का जीवन जीता है और अकारण ही जीवन में अनेक कष्टों को आमंत्रित कर लेता है। एक आदमी था। वह सदा प्रसन्न रहता था। एक दिन उसको उदास देखकर मित्र ने पूछा, मित्र! तुम सदा प्रसन्न रहते थे। तुम्हारी सारी अनुकूलताएं थीं। पर आज तुम बहुत... आगे पढ़े

गहराई में जाएं

Updated on 4 November, 2022, 6:15
गुरू के पास तीन शिष्य आए, बोले, गुरूदेव! हम साधना करना चाहते हैं। कोई साधना का सूत्र बताएं। गुरू ने सोचा, साधना का सूत्र बताने से पहले परीक्षा कर ली जाए। गुरू ने तीनों से एक प्रश्न पूछा, आंख और कान में कितना अंतर है। पहला व्यक्ति बोला, चार अंगुल... आगे पढ़े

स्वार्थ पर टिके रिश्तों की उम्र बड़ी छोटी होती है, पढ़ें इससे जुड़ी अनमोल सीख

Updated on 3 November, 2022, 6:15
आज कल की भाग दौड़ की जिंदगी में कई लोग मिलते जुलते रहते है। उस भीड़ में से कोई एक - दो ही इंसान होता है जो सच्चा मित्र बनता है। नहीं तो आज कल के समय में आधे से ज्यादा रिश्ते सिर्फ मतलब के रह गए है। आज के... आगे पढ़े

विश्वास की ताकत

Updated on 2 November, 2022, 6:30
एक अंग्रेज अफसर अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ जहाज में सवार होकर सफर पर निकला। रास्ते में समुद्र में जोर का तूफान आया। मुसाफिर घबरा उठे। पर वह अंग्रेज अफसर जरा भी नहीं घबराया। उसकी पत्नी भी व्याकुल हो गई थी। उसने अपने पति से पूछा-इतना खतरनाक तूफान आया है।... आगे पढ़े

महात्मा बुद्ध का सबसे बड़ा उपदेश!

Updated on 1 November, 2022, 6:45
एक दिन महात्मा बुद्ध के शिष्यों का एक समूह घूम-घूमकर उनके उपदेशों का प्रचार कर रहा था कि मार्ग में भूख से तड़पता एक भिखारी दिखाई दिया। उसे देखकर बुद्ध के एक शिष्य ने उसके पास जाकर कहा, ''अरे मूर्ख! इस तरह क्यों तड़प रहा है? तुझे पता नहीं कि तेरे नगर... आगे पढ़े

खुद तय करें कि अगले जन्म में क्या बनेंगे 

Updated on 30 October, 2022, 6:00
अगले जन्म में आप धनवान बनेंगे या गरीब, एक्टर बनेंगे या डॉक्टर यह सब आप पर निर्भर है। हो सकता है कि आप इस पर यकीन न करें लेकिन सच यही है। इसका प्रमाण है श्रीमद्भगवत् गीता। गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि आत्मा अमर है। एक शरीर... आगे पढ़े

मरने के बाद कहां जाता है इंसान

Updated on 30 October, 2022, 6:00
सभी धर्मों में पुनर्जन्म की बात कही गयी है, यानी एक शरीर को छोड़ने के बाद इंसान दूसरे शरीर में प्रवेश करता है। लेकिन मृत्यु के बाद से पुनर्जन्म लेने तक जीव कहां रहती है यह एक बड़ा सवाल है। भगवान श्री कृष्ण ने भी गीता में कहा है कि... आगे पढ़े