भाजपा के बागियों पर कार्रवाई शुरू, 2 भाजपा पार्षदों समेत 5 लोग पार्टी से निष्कासित
रायपुर: चुनावी सरगर्मियां खत्म होने के बाद अब भाजपा ने बागियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसमें निकायों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले घरघोड़ा नगर पंचायत के दो पार्षदों समेत 5 लोगों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। घरघोड़ा नगर पंचायत में पिछले दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिला था। इससे पहले नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी सिल्लू चौधरी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया था। इस तरह भाजपा इस नगर पंचायत से अध्यक्ष का चुनाव हार गई थी, लेकिन नगर पंचायत क्षेत्र में भाजपा के 9 पार्षदों ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में उपाध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा तय माना जा रहा था। इसी मंशा से भाजपा ने उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए यश सिन्हा को मैदान में उतारा था।
वहीं कांग्रेस की ओर से उपाध्यक्ष पद के लिए अमित त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया था। चुनाव परिणाम में कांग्रेस प्रत्याशी को 9 वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी ने मंथन शुरू कर दिया और ऐसे व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी, जिसने भाजपा को धोखा देकर उपाध्यक्ष पद के लिए वोट दिया हो। मंथन के बाद भाजपा ने दो पार्षदों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसमें घरघोड़ा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद श्याम भोजवानी और वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद अनिल लकड़ा शामिल हैं। दोनों पार्षदों पर पार्टी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने उपाध्यक्ष पद के लिए पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ वोट किया।
पांच निर्दलीय प्रत्याशी भी निष्कासित
नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले पांच अन्य लोगों को भी भाजपा से निष्कासित कर दिया गया है। इसमें रायगढ़ नगर निगम के वार्ड क्रमांक 27 से पिंकी पंडा और वार्ड क्रमांक 40 से श्याम लाल साहू शामिल हैं। नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्ड क्रमांक 6 से जय हरि सारथी, नगर पंचायत पुसौर के वार्ड क्रमांक 5 से भूपेश पांडव और नगर पंचायत लैलूंगा के वार्ड क्रमांक 1 से किशन कुमार सारथी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
कांग्रेस कर रही गद्दारों की तलाश
कांग्रेस नगर निगम में अध्यक्ष पद भी हार गई है। हालांकि, नगर निगम में कांग्रेस के 12 पार्षद थे और भाजपा पार्षदों की संख्या 33 थी। ऐसे में कांग्रेस की हार भी तय थी, लेकिन सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण साहू को 12 की जगह सिर्फ 10 वोट मिले। इस तरह कांग्रेस के दो पार्षदों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट नहीं किया। ऐसे में कांग्रेस पार्टी से गद्दारी करने वाले पार्षदों की भी जांच कर रही है।

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