संघीय संतुलन में बिगड़ाव: परिसीमन पर बैठक के बाद केटी रामा राव बोले
परिसीमन के मुद्दे पर आज चेन्नई में मुख्यमंत्रियों और सभी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक को संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) नाम दिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने की। वहीं, तेलंगाना के मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव भी इस बैठक में शामिल हुए। इस बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केटी रामा राव (केटीआर) ने कहा, 'हम प्रस्ताव कर रहे हैं कि केंद्र सरकार को राज्य के अंदर विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि जहां भी जनसंख्या में वृद्धि हो, वहां प्रतिनिधित्व, बेहतर प्रशासन और विकेंद्रीकरण की चुनौतियों से निपटा जा सके... क्योंकि सांसदों की संख्या से छेड़छाड़ से संघीय संतुलन बिगड़ जाएगा।'
'परिसीमन के लिए जनसंख्या ही मानदंड क्यों हो?'
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक केटीआर ने आगे कहा, 'अगर आप सांसदों की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए दृढ़ हैं, तो या तो राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर लें या हर राज्य के लिए समान अनुपात बनाए रखें... परिसीमन के लिए केवल जनसंख्या ही मानदंड क्यों हो? राजकोषीय योगदान, विकास या प्रगति क्यों नहीं?... हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व को पुराने घावों को भरने की कोशिश करनी चाहिए, न कि नए घाव बनाने की... अगर भारत को वास्तव में 2047 तक महाशक्ति बनना है, तो सहकारी संघवाद की जरूरत है, न कि बलपूर्वक संघवाद की।'
JAC ने परिसीमन को लेकर दो बड़े प्रस्ताव रखे
इस दौरान केटीआर ने परिसीमन पर पहली संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) की बैठक में कहा, 'हमने दो बातें कही, पहली, अगर परिसीमन अधिक प्रतिनिधित्व के लिए है, तो हम हर राज्य में विधायकों की सीटों की संख्या क्यों नहीं बढ़ाते, यह हमारा प्रस्ताव है। दूसरी बात, अगर संसद में सीटों की संख्या बढ़ानी है, तो उन्हें उसी अनुपात में बढ़ाना होगा, जैसा कि आज है। अन्यथा, यह उन राज्यों के साथ वास्तव में अन्याय होगा, जिन्होंने हर संकेतक पर असाधारण प्रदर्शन किया, चाहे वह शिक्षा हो, सामाजिक संकेतक हों, या यहां तक कि जनसंख्या नियंत्रण और स्वास्थ्य आदि।'

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