आईएएस अभिषेक की बढ़ी मुसीबत, पुराने फैसलों की भी होगी जांच
लखनऊ। निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। विजिलेंस जांच के आदेश के बाद अब ईडी भी उनके मामले में जांच शुरू कर सकती है। ईडी की एक टीम ने अभिषेक प्रकाश और निकांत जैन की सम्पत्ति की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। उनके पुराने फैसलों की जांच भी हो सकती है।ईडी यह भी पता कर रही है कि अभिषेक प्रकाश के सम्पर्क में आने से पहले निकांत जैन की माली हालत क्या थी। कैसे अचानक उसके पास अकूत सम्पत्ति आ गई। अभिषेक प्रकाश को दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री के आदेश पर निलम्बित किया गया है। सोलर ऊर्जा से जुड़े एक प्रकरण में उद्योगपति से पांच प्रतिशत कमीशन मांगने में उसके करीबी और बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले गोमतीनगर निवासी निकांत जैन को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके खिलाफ गोमती नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसकी जांच चल रही है।
निकांत के घर शुक्रवार को ताला लगा मिला था। इसकी जानकारी पर पुलिस ने दस्तावेज न गायब हो, इसलिए अपना ताला भी लगा दिया है। निकांत जैन की गिरफ्तारी के दूसरे दिन उसके विराट खंड स्थित इस दफ्तर में ताला लगा मिला था।सोलर इनर्जी कंपनी से रिश्वत मांगने के मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश के अब पुराने फैसलों की भी जांच होगी। वह ढाई साल से ज्यादा वक्त तक इन्वेस्ट यूपी के सीईओ रहे। इस दौरान निवेश संबंधी आए प्रस्तावों व उस पर मूल्यांकन समिति द्वारा लिए गए फैसलों संबंधीं पत्रावली तलब की गई है।
औद्योगिक विकास विभाग अब इस मामले की तह तक जाएगा। यह देखा जाएगा कि पूर्व में किन किन निवेश प्रस्तावों को निरस्त किया गया और किस आधार पर यह निर्णय हुआ। यह भी देखा जाएगा कि जो प्रस्ताव मंजूर हुए उसमें किसी निवेशक को अनुचित लाभ तो नहीं दिया गया। इन्वेस्ट यूपी में मूल्यांकन समिति की बैठक अमुमन हर महीने होती है। पूरे कार्यकाल में उनके फैसले अब जांच के दायरे में हैं। असल में निवेश प्रस्ताव पहले मूल्यांकन समिति में आते वहां पर उसका परीक्षण किया जाता है। इससे पहले कंसल्टिंग फर्म और विभागीय कर्मचारी निवेशकों से सभी जरूरी दस्तावेज देखते हैं। मूल्यांकन समिति की मंजूरी के बाद फाइल आईडीसी की अध्यक्षता वाली हाईपावर कमेटी में भेजी जाती है। सूत्र बताते हैं कि निजी कंसल्टिंग फर्म के कार्मिकों की भूमिका भी संदिग्ध है।

जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश
कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा; FY26 में PhonePe के वित्तीय नतीजे चौंकाने वाले
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, 32 लोगों की मौत; मचैल यात्रा पर लगी रोक