एक देश एक चुनाव वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग और चुनौती : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में “एक देश एक चुनाव” संगोष्ठी में कहा कि एक देश एक चुनाव वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग और चुनौती है। देश में 1952 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ-साथ हुए हैं। अलग-अलगर कारणों से सरकारें भंग हुई और मध्यावधि चुनाव की नौबत आई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुन: एक देश एक चुनाव का कठिन संकल्प लिया है। जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी के अन्य संकल्प पूरे हुए उसी तरह यह संकल्प भी पूरा होगा। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने पर हजारों करोड़ रुपए की बचत होगी। विकास कार्यों के लिए अधिक राशि और अधिक समय मिलेगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति और हर मतदाता को जागरूक करके इसमें शामिल करना होगा। संगोष्ठी का आयोजन जेएनसीटी इंजीनियरिंग कालेज रीवा में किया गया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में नशे की लत बड़ी सामाजिक बुराई के रूप में हमारे सामने कठिन चुनौती की तरह है। कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों के कारण युवा पीढ़ी अपने उद्देश्य से भटक रही है। नशा तन, मन और धन तीनों का विनाश करता है। भावी पीढ़ी को नशे से बचाकर ही समाज और देश का विकास होगा। भावी पीढ़ी यदि नशे की राह में चली गई तो हर तरह का विकास बेमानी हो जाएगा। आज विकास के जो कार्य हो रहे हैं उनका सर्वाधिक उपभोग भावी पीढ़ी ही करेगी। नशे पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने करोड़ो रुपए के नशीले पदार्थ जप्त किए हैं तथा 600 से अधिक नशे के सौदागरों को जेल भेजा है। नशे की बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को योगदान देना आवश्यक है। हर व्यक्ति जागरूक होकर और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर नशे का विरोध करे। जो नशे की गिरफ्त में हैं उन्हें उपचार और समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।
सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि एक देश एक चुनाव बहुत आवश्यक है। दुनिया के कई देशों में तीन-चार तरह के चुनाव एक साथ होते हैं। बेल्जियम में मतदाता एक बार मतदान करके पाँच अलग-अलग तरह के जनप्रतिनिधि चुनता है जिनसे लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय की सरकारों का गठन होता है। देश में भी प्रथम आम चुनाव से ही लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते रहे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ सर्वाधिक मतदाता हैं। यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने लगें तो करोड़ों मतदाता एक ही चुनाव में दो सरकारों के प्रतिनिधि चुन लेंगे। इससे परिश्रम, धन और समय तीनों की बचत होगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता, समाजसेवी डॉ. राजेन्द्र मिश्रा, राम सिंह, राजेश पाण्डेय, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कालेज के संचालक एस.एन. तिवारी, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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