बुजुर्गों की संख्या बढ़ी तो भारत के दोस्त के सिर पर मंडराया खतरा, देश छोड़कर भाग रहे युवा, जानें पूरी बात
एथेंस। ग्रीस में जनसंख्या का संकट दुनिया को हैरान कर रहा है। एक नई रिपोर्ट में दावा है कि पिछले 13 सालों में भारत के दोस्त ग्रीस की जनसंख्या में 4 लाख से अधिक की गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण घटती जन्म दर, बढ़ती उम्र और देश से बाहर प्रवास है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, थेसाली विश्वविद्यालय की डेमोग्राफिक एंड सोशल एनालिसिस लैब की रिसर्च का हवाला देते हुए ग्रीस के अखबार टो विमा ने शनिवार को बताया कि यह गिरावट दशकों तक जारी रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में जन्म से ज्यादा मौतें हो रही हैं और बूढ़े लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हेलेनिक स्टैटिस्टिक्स अथॉरिटी के अनुसार, 2011 की जनगणना में देश की निवासी जनसंख्या 1,08,16,286 थी। लेकिन 1 जनवरी 2024 तक यह घटकर 1,04,00,720 रह गई, जो एक दशक से भी कम समय में 4 लाख से अधिक लोगों की कमी को दर्शाता है। आंकड़ों से पता चला है कि ग्रीस में 2023 में सिर्फ 72,300 बच्चों का जन्म हुआ, जो 1950 और 1960 के दशकों की औसत वार्षिक जन्म दर का लगभग आधा है।
प्रजनन दर बेहद कम
1980 के आसपास जन्म लेने वाली महिलाओं में प्रजनन दर 1।3 से 1।4 बच्चों तक सीमित है, जो कि जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी स्तर से काफी कम है। लगभग 23 प्रतिशत आबादी पहले से ही 65 वर्ष से अधिक आयु की है, और बुजुर्गों की संख्या बच्चों से लगभग 10 लाख अधिक है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि 2011 में वित्तीय संकट के बाद जनसंख्या में यह कमी शुरू हुई, जब कई प्रवासी मजदूर वापस लौट गए और बड़ी संख्या में युवा यूनानी देश छोड़कर चले गए।
देश छोड़ रहे युवा
इसके अलावा, बेहतर करियर के मौकों की कमी और घर की बढ़ती कीमतों जैसी समस्याओं ने भी परिवार बसाने के लिए लोगों को हतोत्साहित किया है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि ग्रीस के सामने ‘दोहरी चुनौती’ है, जिसमें युवा पीढ़ी या तो देश छोड़ रही है या देर से माता-पिता बनने का फैसला कर रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक जनसांख्यिकीय गिरावट और भी तेज हो रही है।

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