खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताकर ठगी करने वाला पहुचां सलाखो के पीछे
भोपाल। राजधानी भोपाल में मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 20 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। जालसाज ने चुनाव आयोग और महिला बाल विकास में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 20 लाख रुपए ठगने के बाद आरोपी ने फरियादी को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया था। पीड़ितो ने इसकी शिकायत डीजीपी कार्यालय में की थी। इसके बाद मामले की जांच भोपाल पुलिस को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक अंबाह मुरैना के रहने वाले राजकुमार सिंह से जालसाज विजय शंकर मिश्रा ने बताया की वह पेशे से खेती-किसानी करते है। इसी साल बीती 6 फरवरी को मंत्रालय के बाहर उनकी मुलाकात विजय शंकर नामक व्यक्ति से हुई। विजय ने खुद को मध्यप्रदेश जीडी ऑफिस में पदस्थ बताते हुए यह भी कहा की वह उसकी सगी भाभी भी आईएएस है। इसके बाद आरोपी ने उनसे कई बार मुलाकात की और अपनी पहचान के जरिये चुनाव आयोग तथा महिला बाल विकास में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसके झांसे में आकर राजकुमार सिंह ने अपने परिवार के सात सदस्यों की नौकरी दिलाने के लिए आरोपी को दस्तावेज दे दिए। कागजात लेने के बाद शातिर ने कई बार में उनसे अलग-अलग बहाने बनाते हुए 20 लाख रुपए ऐठं लिए। तय समय पर जब नौकरी से संबधित कोई भी दस्तावेज फरियादी को नहीं मिला तब उसने उस पर जल्द नौकरी दिलवाने का दबाव बनायाया। इसके बाद आरोपी ने एक-एक कर सातों सदस्यों को चुनाव आयोग और महिला बाल विकास में नौकरी के फर्जी ज्वाइन लेटर थमा दिए। इन सभी लेटर में ज्वाइनिंग की डेट एक ही थी। जब ज्वाइनिंग के लिए सातों सदस्य अलग-अलग डिपार्टमेंट में पहुंचे तब खुलासा हुआ की वह लेटर फर्जी हैं। बाद में मामले की शिकायत पुलिस अफसरो तक पहुचीं। जॉच के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी विजय शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया है।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा—इस बार भी TMC की ही सरकार बनेगी!
सिद्ध नाथ का कार्यकाल 6 माह बढ़ा, गृह मंत्री का बड़ा बयान
सागर रबारी का इस्तीफा, गुजरात में AAP को बड़ा झटका
Dindori के चंद्रागढ़ बालक आश्रम में फिर बड़ी लापरवाही
West Central Railway Employees Union के महामंत्री मुकेश गालव ने की सौजन्य भेंट
स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी—लाइफस्टाइल बीमारियां सबसे बड़ा खतरा
बिलासपुर के 8 साल के अद्विक ने किया बड़ा कमाल
आज़ादी के 78 साल बाद गांव में पहली बार आई बिजली