मध्य प्रदेश में ठंड का कहर, कोहरे ने घेरा, पचमढ़ी में पारा 6.2 डिग्री पर!
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में तेज ठंड का प्रकोप जारी है. जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में बर्फबारी का दौर जारी है. इस वजह से सर्द हवाएं मैदानी इलाकों की ओर चल रही हैं. इसी कारण राज्य में ठंड का असर देखने को मिल रहा है. इंदौर, उज्जैन, रीवा और भोपाल संभाग में सर्दियों का असर देखने को मिल रहा है.
पचमढ़ी में पारा 6.2 डिग्री पहुंचा
एमपी का सबसे ठंडा शहर नर्मदापुरम का पचमढ़ी रहा. यहां शनिवार को तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 8.2, मंदसौर और शाजापुर जिले के गिरवर में 8.3, खरगोन में 8.6 और छतपुर के नौगांव में तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया. बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में सबसे कम टेम्प्रेचर 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. उज्जैन में 11.8, जबलपुर में 11.8 और ग्वालियर में मिनिमम टेम्प्रेचर 13 डिग्री सेल्सियस रहा.
पूरे राज्य में कड़ाके की ठंड से निजात पाने के लिए लोग अलाव ताप रहे हैं. इसके साथ ही दूसरे साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
शाजापुर में 100 मीटर रही विजिबिलिटी
तेज सर्दी के साथ प्रदेश के कई शहरों में धुंध और कोहरे का असर देखने को मिला. शाजापुर में शनिवार को विजिबिलिटी मात्र 100 मीटर रह गई. अकोदिया और शुजालपुर में भी यही हाल रहा. वहीं, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, गुना, सतना और खजुराहो में विजिबिलिटी 500 मीटर से 1 किमी के बीच रही. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है. सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा.

हरी खाद- खेती में बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत होगी बेहतर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा की बेटी रिया केशरवानी को दी बधाई, दसवीं बोर्ड में प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल किया
खंडवा के डायल-112 हीरोज
सामाजिक सुरक्षा पेंशन इस विश्वास का अंतरण है कि सरकार हर घड़ी जरूरतमंदों के साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सशक्त नारी, समृद्ध परिवार : महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल
पशु सखियों के प्रशिक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
दतिया पुलिस की बड़ी सफलता
मसाला फसलों के उत्पादन में हम अव्वल, उद्यानिकी फसलों के रकबे का करें विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
वैष्णो देवी के बाद बद्रीनाथ में चमत्कार, 5 साल बाद मिला खोया बेटा