कोयले से भरी मालगाड़ी के डिब्बे में लगी आग, स्टेशन मास्टर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर (Omkareshwar) से करीब 20 किलोमीटर दूर जिले के निमाड़खेड़ी रेलवे स्टेशन (Nimarkhedi Railway Station) के पास शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा होते टल गया। झारखंड के गिरीडीह से एनटीपीसी बेड़िया सेल्दा सुपर पॉवर प्लांट के लिए जा रही कोयला लदी मालगाड़ी की वैगन से अचानक धुआं उठने लगा। यह धुआं स्टेशन मास्टर की नजर में आया, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई और स्टेशन मास्टर ने ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर न रोकते हुए लगभग 1 किलोमीटर दूर आउटर पर रुकवा दिया।
सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी, आरपीएफ जवान और टीआरडी टीम मौके पर पहुंची। टीआरडी टीम ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ट्रैक की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद करवाई। इसके बाद सनावद, बड़वाह और पुनासा से बुलाए गए तीन दमकल वाहनों ने हाई-प्रेशर वाटर कैनन की मदद से धधकते कोयले को ठंडा करने का अभियान शुरू किया।
घने कोयले के भीतर लगी आग को बुझाने में लगभग 3 घंटे का समय लगा। लगातार प्रयासों के बाद वैगन से निकल रहा धुआं पूरी तरह बंद हो पाया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन मास्टर की त्वरित सूझबूझ और सतर्कता के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया और पूरी कोयला रैक को सुरक्षित आगे भेजने में सफलता मिली। मौके पर मौजूद टीमों ने राहत की सांस ली कि आग समय रहते नियंत्रित कर ली गई, अन्यथा यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी।

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