तीन पुलिसकर्मियों के सामने ADG इंटेलिजेंस का बैग चोरी, वंदे भारत से फरार हुआ चोर
भोपाल। मध्य प्रदेश में आम आदमी तो छोड़ दीजिए. पुलिस के बड़े अफसर भी सुरक्षित नहीं हैं. वह भी जब अधिकारी को तीन-तीन आरक्षक दिए गए हों और उनकी निगरानी से बैग चोरी हो जाए तो पुलिस की निगरानी पर सवाल उठाते हैं. ऐसा ही मामला राजधानी में सामने आया है. इंटेलिजेंस एडीजी ए साईं मनोहर का वंदे भारत एक्सप्रेस से बैग चोरी करके बदमाश भाग गया. इस बात का अंदाजा तब लगा, जब वह ट्रेन से उतरने लगे और उनका 3 किलो लड्डू से भरा बैग गायब हो गया।
परिवार वालों ने पूछा- लड्डू लाए हैं क्या?
अधिकारी ने आरक्षकों से पूछा कि समान कहां है तो उनके होश उड़ गए. इस बात का खुलासा तब हुआ, जब उनके परिजन रानी कमलापति स्टेशन पर रिसीव करने आए और इस दौरान उनसे पूछा गया कि भागवत से लेकर लड्डू आए हैं क्या? उन्होंने कहा कि लड्डू तो लेकर आए थे, लेकिन ट्रेन में ही चोरी हो गया. इस घटना के बाद जीआरपी और आरपीएफ दोनों ही लड्डू चोर के पीछे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रहे हैं. हालांकि सिर्फ सूचना एडीजी की ओर से अधिकारियों को दी गई, लेकिन वह भी देखना चाहते हैं कि कौन ऐसा कर रहा है. जिसने एडीजी को भी नहीं बक्शा था।
PHQ में दिनभर होती रही चर्चा
इस घटना की चर्चा पुलिस मुख्यालय में दिनभर होती रही केबिन से लेकर अफसर आपस में चर्चा करते रहे. इससे पहले आईजी इंटेलिजेंस चार इमली के पास उनसे घटना हुई थी. रात को पत्नी के साथ नाइट वॉक कर रहे थे. इस दौरान दो नाबालिग़ बच्चे निकले और हाथ मारकर मोबाइल छीनकर फरार हो गए. पुलिस कई दिनों तक आरोपी की खोजबीन करती रही लेकिन बाद में पता चला कि आरोपियों ने फोन चोरी के बाद उसे एक गड्ढे में दबा दिया था।

मगरमच्छ गंगाराम की अनोखी कहानी, जिसकी मौत पर पूरा गांव रो पड़ा
ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- दतिया उपचुनाव में BJP की होगी जीत, NEET मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
वायरल सेलिब्रेशन पर पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, आखिर किसे दिया था संदेश?
यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
खर्च की रफ्तार पर CAG की चिंता, 93 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अधूरा