पीएम विक्टर ओर्बन केवल अपना पेट बढ़ा रहे हैं, सेना नहीं
मास्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को तीन साल पूरे हो गए हैं। जेलेंस्की लगातार यूरोपीय देशों को रूस के प्रति आगाह करते हुए अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए चेतावनी देते रहे हैं। अब उन्होंने चेतावनी नजर अंदाज करने के लिए हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बन पर हमला बोला। जेलेंस्की ने कहा कि विक्टर क्षेत्रीय सुरक्षा पर ध्यान देने की बजाय घरेलू राजनीति को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। वह केवल अपना पेट बढ़ा रहे हैं, सेना नहीं। जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हंगरी की तरफ से यूक्रेन की मदद करने की अनिच्छा व्यक्त की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि तीन साल से जारी यूक्रेन और रूस के युद्ध ने यूरोपीय संघ के देशों के अंदर भी कलह को बढ़ा दिया है। ज्यादातर देश रूस के खिलाफ यूक्रेन को राहत पैकेज देने और मॉस्को पर बैन का समर्थन करते हैं, लेकिन हंगरी बार-बार इन उपायों को किसी न किसी वजह से या बहाने से नजरअंदाज करता है। हंगरी लगातार इस युद्ध को आगे न बढ़ाने के लिए भी चेतावनी देता है। दरअसल, विक्टर ओर्बन को पुतिन का करीबी माना जाता है, जिसकी वजह से उन्हें कीव समेत कई यूरोपीय देशों से आलोचना का सामना करना पड़ता है।
रिपोर्ट के मुताबिक हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बन ने शुरुआत से ही यूरोपीय देशों द्वारा यूक्रेन को दिए जा रहे अतिरिक्त फंडिंग का विरोध किया है। इतना ही नहीं उन्होंने सीधे हथियारों की आपूर्ति का भी विरोध किया। ओर्बन ने हंगरी के हथियारों को यूक्रेन को देने से इनकार करते हुए कहा था कि बुडापेस्ट को अपनी आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को ज्यादा प्राथमिकता देनी है। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी यूक्रेन में रहने वाले हंगेरियाई मूल के लोगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर भी यूक्रेनी सरकार पर सवाल उठाया था।
बता दें रूस और यूक्रेन युद्ध पिछले तीन साल से जारी है। अमेरिका समेत तमाम देश इसे खत्म करवाने की कोशिश कर चुके हैं। दोनों देशों की तरफ से कई लाख सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। युद्ध के पहले यूक्रेन जिस नाटो की सदस्यता लेने की जिद कर रहा था, अब वह भी उससे दूर जा चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता नहीं मिलेगी। अभी रूस और यूक्रेन के बीच में विवाद जमीन को लेकर है। रूस युद्ध में कब्जाई जमीन को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, ऐसे में युद्ध जारी है।

तमिलनाडु चुनाव प्रचार में एआई का इस्तेमाल, डिजिटल अवतार से वोट मांगते नजर आए विजय
मदद न मिलने पर भाई ने बाथरूम में बहन का किया अंतिम संस्कार, दिल दहला देने वाली घटना
नकली नोट पर ‘मेड इन इंडिया’ की मुहर, दाऊद इब्राहिम के गुर्गों की नई चाल
ग्लोबल मार्केट में उछाल, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से एशिया में तेजी
भेदभाव पर सख्त टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता छूट से वंचित कर्मचारी को दी राहत
GTRI की मांग—QCO टेस्टिंग फीस तय करे सरकार, MSME पर बढ़ा बोझ
पाकिस्तान पर बढ़ा वित्तीय दबाव, यूएई ने 3 अरब डॉलर की तत्काल वापसी की मांग की