पीएम मोदी के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, कहा – ‘उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कारों में है’
शनिवार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। दरअसल पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि सपा ने इस एयरपोर्ट का काम रुकवा दिया था और पहले नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना रखा था। पीएम के इन आरोपों पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुरंत प्रतिक्रिया सामने आई है। बता दें कि अखिलेश यादव ने कहा कि उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कारों में है और हमेशा रहेगा। दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर, खासकर सपा पर, तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने इस एयरपोर्ट की नींव नहीं पड़ने दी। वहीं पीएम मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे नोएडा को अंधविश्वास की वजह से अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।
जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा?
दरअसल पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पहले के सत्ताधारी कुर्सी जाने के डर से नोएडा आने से कतराते थे। प्रधानमंत्री ने एक वाकये का जिक्र किया, जब वह पीएम बनने के बाद नोएडा आए थे, तब उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव डर के मारे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। वहीं उन्होंने कहा कि उन्हें भी डराने की कोशिश की गई थी कि अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हो, नोएडा मत जाओ। यह बयान सीधे तौर पर अखिलेश यादव की पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा था, जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
अखिलेश यादव का पीएम मोदी को ‘मेहमान’ कहकर जवाब
वहीं अब प्रधानमंत्री मोदी के इस कड़े बयान के तुरंत बाद, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। दरअसल उन्होंने सीधे पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा कि, “हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं, हम उनको मेहमान मानकर ही सम्मान सहित विदा करेंगे।” यह बयान पीएम मोदी के लिए एक तरह से सम्मानजनक लेकिन तीखा हमला था, जिसमें उन्हें राज्य का अतिथि कहकर संबोधित किया गया।
दरअसल अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता है, जब हार साक्षात दिखने लगती है तो इंसान को न अपने पद का मान रहता है, न ही अपने कथन पर नियंत्रण।” बता दें कि यह टिप्पणी सीधे तौर पर पीएम मोदी के बयानों को आगामी चुनावों में हार की आशंका से जोड़ रही थी।

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