16 दिन में 700 करोड़ उड़ाए गए, मार्च एंड के बचत 81 करोड़ पर शुरू होगा हिसाब
बरेली। वित्त वर्ष खत्म होने से पहले सरकारी दफ्तरों में पैसों की रफ्तार अचानक तेज हो गई है। 16 दिन में सात विभागों ने करीब 700 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन अभी भी 81.12 करोड़ रुपये खातों में डंप पड़े हैं। अब इन पैसों को खर्च करने के लिए सिर्फ तीन दिन बचे हैं—वरना रकम सरकार को लौटानी पड़ेगी।
मुख्य सचिव के आदेश के बाद मची भुगतान की दौड़
12 मार्च को मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश आते ही विभागों में फाइलें दौड़ने लगीं। साफ आदेश था—25 मार्च तक सभी बिल-वाउचर जमा कर भुगतान करा लो, कोई बकाया नहीं रहना चाहिए। इसके बाद शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण, विकास और सिंचाई विभाग ने तेजी से भुगतान शुरू कर दिया।
16 दिन में 700 करोड़ खर्च, रिकॉर्ड स्पीड में निकला पैसा
कोषागार के आंकड़े बताते हैं कि 12 से 28 मार्च के बीच सिर्फ 16 दिन में करीब 700 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। पूरे वित्त वर्ष में अब तक 1382 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। विभागों ने आखिरी समय में तेजी दिखाते हुए बजट खपाने में पूरी ताकत झोंक दी।
पीडब्ल्यूडी और शिक्षा विभाग सबसे आगे
खर्च करने की रेस में पीडब्ल्यूडी पहले और शिक्षा विभाग दूसरे नंबर पर है। शिक्षा विभाग ने 1080 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें बेसिक शिक्षा का हिस्सा 1011 करोड़ रहा। वहीं पीडब्ल्यूडी के विभिन्न खंडों ने 182 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बावजूद इन विभागों के खातों में अभी भी करोड़ों रुपये बाकी हैं।

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