हेमकुंड साहिब मार्ग पर बर्फ की सफेद चादर, टीम ने धाम तक पैदल निरीक्षण किया
चमोली: विश्व प्रसिद्ध सिख धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय सेना और गुरुद्वारा ट्रस्ट ने कमर कस ली है. भारतीय सेना के जवानों और गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों की एक संयुक्त टीम ने गोविंदघाट से धाम तक के पैदल मार्ग का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धाम परिसर में अभी भी 5 से 6 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि मुख्य पड़ाव अटलाकोटी ग्लेशियर पॉइंट पर भी भारी मात्रा में हिमखंड मौजूद हैं. राहत की बात ये है कि पिछले दस दिनों में हुई ताजा बर्फबारी नरम है, जिसके जल्द पिघलने की उम्मीद जताई जा रही है.
पूरे आस्था पथ को श्रद्धालुओं के लिए खोलने के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी 15 अप्रैल के बाद गोविंदघाट से रवाना होगी, जो दुर्गम रास्तों और ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार करेगी. ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, यदि आगामी दिनों में मौसम साफ रहता है और धूप खिलती है, तो बर्फ हटाने का कार्य तेजी से संपन्न हो सकेगा. हिमालय की गोद में स्थित हेमकुंड साहिब अपनी अलौकिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है. बर्फ से ढकी चोटियों और पवित्र सरोवर के बीच स्थित इस धाम की यात्रा इस वर्ष 23 मई 2026 से शुरू होने जा रही है. यात्रा का पहला जत्था 20 मई को ऋषिकेश से पूरे उत्साह के साथ रवाना किया जाएगा.
वहीं,आगामी चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए चमोली पुलिस व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुट गई है. पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है. यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस द्वारा ज्योतिर्मठ व कर्णप्रयाग क्षेत्र में यातायात से संबंधित आवश्यक साइन बोर्ड स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को मार्गदर्शन, दिशा-निर्देश एवं यातायात नियमों की स्पष्ट जानकारी मिल सके.
इन साइन बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, पार्किंग व्यवस्था, गति नियंत्रण एवं संवेदनशील स्थलों की जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था एवं दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके. चमोली पुलिस द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो. इस वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे.

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