Madhya Pradesh में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई, बदला समीकरण
भोपाल|मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भले ही अभी 2 महीने का समय बचा हो, लेकिन अभी से सरगर्मियां तेज हो गई हैं. प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. वर्तमान में 2 सीट भाजपा और 1 सीट पर कांग्रेस के सांसद हैं. जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इस बार का राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प रहने वाला है, क्योंकि मामला फंसता नजर आ रहा है. राज्यसभा की 1 सीट के लिए 58 सांसद चाहिए. कांग्रेस के भले ही 65 विधायक थे, लेकिन इसमें 3 विधायकों का मामला फंस गया है. जिसकी वजह से भले ही अभी भी 4 विधायक ज्यादा हैं, लेकिन क्रास वोटिंग हुई तो कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है. जानिए क्या है पूरा गुणा गणित?
मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं. जिसमें भाजपा के पास 164, कांग्रेस के पास 65 और 1 विधायक भारत आदिवासी पार्टी से है. एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों की जरूरत पड़ती है. ऐसे में भाजपा 2 सीटें आराम से जीत जाएगी. इसके बावजूद भाजपा के पास 49 वोट बचेंगे. वहीं कांग्रेस के पास 65 विधायक थे, जिसमें दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है. यानी अब 64 वोट बचे हैं, लेकिन इसमें भी 1 विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे. जबकि कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है. कई बार कांग्रेसी नेता भी भाजपा में शामिल होने के आरोप लगा चुके हैं, लेकिन सप्रे ने कांग्रेस में ही रहने की बात कही. यानी कहा जा सकता है कि कांग्रेस के तीन विधायक कम हो गए हैं|
कांग्रेस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं
राज्यसभा की 1 सीट जीतने के लिए 58 विधायकों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में अगर कांग्रेस के 3 विधायकों को हटा दिया जाए, तो भी जीत के आंकड़े से 4 वोट ज्यादा हैं. इसके बावजूद कांग्रेस को डर है कि कहीं क्रास वोटिंग हो गई, तो क्या करेंगे. वहीं भाजपा अपना तीसरा प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारने की तैयारियों में जुट गई है. भाजपा की नजर कांग्रेस के उन विधायकों पर है, जिन पर सेंध लगाई जा सकती है. अगर भाजपा सेंध लगाने में कामयाब हो गई, तो कांग्रेस के एक भी राज्यसभा सांसद नहीं बचेंगे|
क्या है भाजपा का गुणा-गणित?
भाजपा के पास कुल 164 विधायक हैं. यानी कि 2 सीट सुरक्षित है. वहीं अब भाजपा तीसरे सीट पर भी नजर बना रही है. क्योंकि 2 सीट जीतने के बाद भी भाजपा के पास 49 वोटर बच जाएंगे. अगर किसी कारणवश कांग्रेस के 7 विधायक वोट नहीं देते या फिर क्रास वोटिंग कर दें, तो कांग्रेस का खेल पूरी तरह से बिगड़ जाएगा. यानी कांग्रेस तीनों सीटों से हाथ धो बैठेगी|
इन चेहरों की चर्चा?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस को पटखनी देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. भाजपा तीसरी सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतार सकती है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि भाजपा तीसरी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी पर दांव लगा सकती है. वह भी ऐसे निर्दलीय प्रत्याशी की तलाश की जा रही है, जो पूर्व में कांग्रेस में रहा हो. ताकि अगर कांग्रेस के कुछ वोट लाने में सफल रहे, तो भाजपा तीनों सीटें आसानी से जीत जाएंगी. इसमें सबसे ऊपर नाम सुरेश पचौरी का चल रहा है. हालांकि सुरेश पचौरी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे, लेकिन पार्टी उन्हें निर्दलीय मैदान में उतार सकती है. कांग्रेस की अगर बात की जाए, तो वह ओबीसी चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी कर रही है. जिसमें सीडब्ल्यूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव का नाम सामने आ रहा है|

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