समुद्र के बीच फैला नोरोवायरस, 125 लोग पड़े बीमार! क्या हैं इसके लक्षण और बचाव?
सैन फ्रांसिस्को। अमेरिका से कनाडा और अलास्का की 20 दिवसीय यात्रा पर निकले एक आलीशान क्रूज जहाज पर 'नोरोवायरस' का भीषण प्रकोप देखने को मिला है। इस संक्रामक वायरस की चपेट में आने से जहाज पर सवार कम से कम 125 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, जिनमें 102 पर्यटक और क्रू मेंबर के 23 सदस्य शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। सीमित और भीड़भाड़ वाली जगहों पर यह वायरस बेहद खतरनाक रूप अख्तियार कर लेता है, यही वजह है कि जहाज के वापस तट पर लौटते ही इसे पूरी तरह सैनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया गया है।
क्या है नोरोवायरस और क्यों है यह बेहद संक्रामक
नोरोवायरस मुख्य रूप से इंसान के पेट और आंतों पर हमला करने वाला एक अत्यंत संक्रामक वायरस है। यह किसी पीड़ित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने, दूषित पानी या भोजन का सेवन करने और वायरस से प्रभावित किसी सतह को छूने से बहुत तेजी से फैलता है। चूंकि क्रूज, हॉस्टल या अस्पतालों जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में लोग एक साथ सीमित दायरे में रहते हैं, इसलिए वहां इसके पैर पसारने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। वैसे तो सामान्य तौर पर लोग इससे कुछ दिनों में उबर जाते हैं, लेकिन नवजात बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
क्रूज पर मची खलबली और राहत के उपाय
इस आलीशान जहाज पर कुल 3,032 यात्री और 1,144 चालक दल के सदस्य सवार थे। संक्रमण फैलने की आधिकारिक जानकारी जून के आखिरी हफ्ते में स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद जहाज पर तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए गए। राहत की बात यह रही कि सभी लोग एक साथ बीमार नहीं पड़े थे। क्रूज संचालित करने वाली कंपनी ने बताया कि संक्रमण का पता चलते ही पूरे जहाज पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया और अगली यात्रा पर रवाना होने से पहले पूरे क्रूज को पूरी तरह कीटाणुरहित (सैनिटाइज) किया गया है ताकि संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा सके।
बीमारी के लक्षण और इससे सुरक्षा के तरीके
इस वायरस की चपेट में आने पर मरीज को अचानक तेज उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन, जी मिचलाना और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो आमतौर पर एक से तीन दिनों तक बनी रहती हैं। इससे बचाव के लिए डॉक्टरों ने कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए साबुन और साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना सबसे असरदार तरीका है, विशेषकर भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद। इसके अलावा, बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें, केवल साफ व सुरक्षित भोजन और पानी का ही सेवन करें, तथा संक्रमित सतहों को लगातार सैनिटाइज करते रहें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी से सुरक्षा के लिए केवल हैंड सैनिटाइजर के भरोसे रहने के बजाय साबुन-पानी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा जरूरी है। क्रूज जहाजों पर ऐसी बीमारियां पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिन्हें समय पर आइसोलेशन और स्वच्छता से नियंत्रित किया जा सकता है।

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