बीजेपी कार्यकर्ताओं को CM विष्णु देव साय का संदेश, बोले- संगठन की बातें बाहर न जाएं
रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्थित भारतीय जनता पार्टी के भव्य प्रदेश कार्यालय 'कुशाभाऊ ठाकरे परिसर' में राजनीतिक सरगर्मियां उस वक्त चरम पर पहुंच गईं, जब पार्टी के सभी प्रमुख प्रकोष्ठों की एक वृहद और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यसमिति बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित संगठन के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी, क्षेत्रीय मार्गदर्शक और अलग-अलग विंग्स के प्रदेश संयोजक व कार्यकारिणी सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। आगामी सांगठनिक रूपरेखा और राजनीतिक रणनीति तय करने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकने के साथ-साथ उन्हें कड़े अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। सीएम ने बेहद तल्ख और साफ लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि पार्टी के भीतर और घर के अंदर की गोपनीय बातें सार्वजनिक रूप से पान के ठेलों पर चर्चा का विषय नहीं बननी चाहिए।
जनकल्याणकारी योजनाएं ही दिलाएंगी दोबारा सत्ता, कार्यकर्ताओं को दिए जीत के मंत्र
बैठक के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यकर्ताओं के सामने आगामी लक्ष्य की रूपरेखा रखी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहितैषी और कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार करना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यही मेहनत आने वाले समय में पार्टी को दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापस लाने का मुख्य आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे बिना थके और बिना रुके अंतिम छोर पर बैठे हर एक पात्र व्यक्ति तक इन योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ जुट जाएं।
कार्यकर्ता के पास हो बर्फ, शक्कर और चक्र की ताकत – सीएम विष्णुदेव साय
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने बेहद अनूठे और प्रतीकात्मक उदाहरणों के जरिए कार्यकर्ताओं को संगठन की वास्तविक कार्यशैली का पाठ पढ़ाया। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण सूत्र देते हुए कहा:
-
मस्तिष्क में बर्फ की फैक्ट्री: प्रत्येक जमीनी कार्यकर्ता के पास 'बर्फ की फैक्ट्री' होनी चाहिए, जिसका सीधा मतलब है कि विपरीत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उसका दिमाग हमेशा शांत और संतुलित रहना चाहिए।
-
वाणी में शक्कर की फैक्ट्री: कार्यकर्ता के 'मुंह में शक्कर की फैक्ट्री' होनी चाहिए, यानी आम जनता और सहयोगियों से बात करते समय व्यवहार में मिठास और सौम्यता का होना अनिवार्य है।
-
पैरों में चक्र की गति: तीसरी बात यह कि कार्यकर्ता के 'पैरों में चक्र' होना चाहिए, ताकि वह निरंतर गतिशील रहकर अधिक से अधिक क्षेत्रों का दौरा कर सके और लोगों तक पहुंचकर पार्टी की विचारधारा तथा सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचा सके।
पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा जरूरी, आपसी मतभेदों को संगठन पर न होने दें हावी
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में आंतरिक एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हर एक छोटे-बड़े कार्यकर्ता के मन में संगठन के प्रति अगाध श्रद्धा और पूर्ण समर्पण की भावना होनी चाहिए। जब यह भावना मजबूत होगी, तभी पूरे संगठन में आपसी प्रेम, अटूट विश्वास और बेहतर तालमेल बना रहेगा। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि हम सभी एक विशाल वैचारिक परिवार का हिस्सा हैं और एक बड़े परिवार में वैचारिक मतभेद या विचारों का अलग होना बेहद स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन जब बात संगठन और राष्ट्रहित की आए, तो सभी को अपने व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर एक सूत्र में बंधकर पार्टी के हित में एकजुट होकर काम करना होगा।
सोशल मीडिया के दौर में अनुशासन सर्वोपरि, अफवाहों से रहें बेहद सतर्क
बैठक के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने संगठन के भीतर अनुशासन बनाए रखने पर सबसे कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि संगठन की आंतरिक और घरेलू बातें कभी भी सार्वजनिक चौराहों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या पान के ठेलों पर गपशप का हिस्सा नहीं बननी चाहिए। अनुशासन ही हमारी पार्टी की पहचान है और इससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा डिजिटल युग का जिक्र करते हुए आगाह किया कि आज सोशल मीडिया के दौर में विरोधी ताकतों द्वारा फैलाई जाने वाली भ्रामक जानकारियों और अफवाहों से बेहद सावधान रहने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं को ऐसी किसी भी भ्रामक सूचना का तुरंत तथ्यात्मक खंडन करना चाहिए और सजग रहते हुए पार्टी की छवि को मजबूत बनाए रखना चाहिए।

शेयर बाजार में कमाई का मौका! इन 5 स्टॉक्स पर मोतीलाल ओसवाल ने जताया भरोसा
NEET विवाद पर नितिन नवीन का बड़ा बयान, बोले- विपक्ष के हर सवाल का देंगे जवाब
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर फूटा लोगों का गुस्सा, शताब्दीपुरम पुलिस छावनी में तब्दील
'ड्रग्स केस में फंसा दूंगा' कहने वाले पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, किया गया सस्पेंड
कैंची से घायल बच्चे की जान पर बनी आफत, डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी से बचाया
ऑटोइम्यून बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है आंखों और मुंह की ड्राइनेस, जानें बचाव के तरीके
प्रकृति का अनमोल खजाना है नागालैंड, मानसून में इन 5 जगहों का नजारा नहीं भूलेंगे
लोकसभा में शोर-शराबा, राज्यसभा स्थगित; विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित
NH-49 पर बारिश का असर, निर्माणाधीन ओवरब्रिज की मिट्टी धंसने से आवागमन प्रभावित
बिहार विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा, धक्का-मुक्की से बढ़ा राजनीतिक तापमान