ग्राफिक डिजाइनिंग में बनाएं शानदार करियर, जानिए कैसे करें शुरुआत
वर्तमान समय के इस आधुनिक डिजिटल युग में युवाओं के पास करियर बनाने के अनगिनत नए रास्ते खुल चुके हैं। इन्हीं में से एक बेहद आकर्षक, रचनात्मक और सबसे ज्यादा मांग वाला क्षेत्र ग्राफिक डिजाइनिंग का है। यदि आपके भीतर कुछ नया गढ़ने की कला है, आपको रंगों से खेलना पसंद है और आपकी सोच रचनात्मक है, तो इंटरमीडिएट (12वीं) पास करने के बाद आप इस रचनात्मक दुनिया में एक शानदार भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। आज के समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और हर छोटे-बड़े बिजनेस में विजुअल कंटेंट की लगातार बढ़ती मांग के चलते कुशल ग्राफिक डिजाइनरों के लिए नौकरियों की कोई कमी नहीं है।
मूल रूप से ग्राफिक डिजाइनिंग एक ऐसी कलात्मक विद्या है, जिसमें तस्वीरों, खास फोंट्स (टाइपोग्राफी) और बेहतरीन रंगों के तालमेल से प्रभावशाली व संदेश देने वाले डिजाइन तैयार किए जाते हैं। एक पेशेवर डिजाइनर का मुख्य काम विजुअल्स के जरिए किसी ब्रांड के मैसेज या आइडिया को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाना होता है। सोशल मीडिया पोस्ट्स बनाने से लेकर विज्ञापन के बड़े बैनर, मैगजीन कवर, मोबाइल ऐप्स के इंटरफेस और किसी कंपनी का लोगो (Logo) तैयार करने तक, हर जगह इन प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। इस काम को अंजाम देने के लिए वे एडोब फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, इनडिजाइन और कैनवा जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।
12वीं के बाद उपलब्ध प्रमुख कोर्सेज और रास्ते
इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। छात्र अपनी सुविधा, बजट और समय के अनुसार सही कोर्स का चुनाव कर सकते हैं:
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डिग्री कोर्सेज (3 से 4 वर्ष): जो छात्र इस विषय की गहराई से पढ़ाई करना चाहते हैं, वे 12वीं के बाद 'बैचलर ऑफ डिजाइन' (B.Des) या 'बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स' (BFA) जैसे डिग्री कोर्स चुन सकते हैं।
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डिप्लोमा कोर्सेज (6 महीने से 1 साल): यदि आप कम समय में जरूरी हुनर सीखकर जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं, तो ग्राफिक डिजाइनिंग में प्रोफेशनल डिप्लोमा कर सकते हैं।
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सर्टिफिकेट कोर्सेज (3 से 6 महीने): इस छोटे क्रैश कोर्स के जरिए आप किसी एक विशेष सॉफ्टवेयर जैसे सिर्फ फोटोशॉप या कोरल ड्रॉ पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं।
सफलता के लिए जरूरी स्किल्स और करियर की संभावनाएं
इस फील्ड में एक सफल मुकाम हासिल करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप एडोब के प्रमुख सॉफ्टवेयर टूल्स पर महारत हासिल करें। इसके साथ ही, पढ़ाई के दौरान अपने सर्वश्रेष्ठ काम का एक शानदार डिजिटल 'पोर्टफोलियो' जरूर तैयार करें, क्योंकि कोई भी कंपनी आपकी डिग्री से ज्यादा आपके काम के सैंपल्स को अहमियत देती है। कोर्स पूरा करने के बाद किसी अच्छी एजेंसी में इंटर्नशिप करने से आपको कॉर्पोरेट जगत के काम करने के तौर-तरीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ेगा, आप लोगो क्रिएशन, वेब यूजर इंटरफेस (UI) डिजाइनिंग या 2D/3D एनिमेशन जैसे किसी एक खास क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन भी कर सकते हैं। एक क्वालिफाइड ग्राफिक डिजाइनर के लिए विज्ञापन एजेंसियों, आईटी कंपनियों, पब्लिकेशन हाउसेस, न्यूज पोर्टल्स, फिल्म व एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स में रोजगार के अपार अवसर मौजूद हैं।
इसके अलावा, यदि आप फुल-टाइम जॉब नहीं करना चाहते, तो फ्रीलांसिंग (घर बैठे प्रोजेक्ट्स पर काम करना) के जरिए देश-विदेश के क्लाइंट्स के साथ काम करके भी मोटी कमाई कर सकते हैं। वेतन की बात करें तो एक नए (फ्रेशर) ग्राफिक डिजाइनर की शुरुआती सैलरी 25,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये प्रति माह तक आसानी से हो सकती है, जो आपके बढ़ते अनुभव, क्रिएटिविटी और स्किल्स के साथ तेजी से बढ़ती है।

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