क्या कुंवारी लड़कियों के लिए सावन में मेहंदी लगाना वर्जित है? जानें क्या कहते हैं नियम
सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों तरफ हरियाली, शिव भक्ति और त्योहारों की रंगत देखने को मिलती है. इस दौरान महिलाओं के हाथों में रची हरी-लाल मेहंदी न केवल उत्सव का अहसास कराती है, बल्कि माहौल को भी पावन बना देती है. अकसर यह माना जाता है कि तीज और सावन में मेहंदी रचना केवल सुहागिन महिलाओं का अधिकार है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या कुंवारी लड़कियों के लिए सावन में मेहंदी लगाना वर्जित है? आइए जानते हैं पौराणिक ग्रंथों, ज्योतिषीय मान्यताओं और आयुर्वेद के अनुसार इस परंपरा का असली सच.
मां पार्वती के तप से जुड़ी है परंपरा
स्कंद पुराण और शिव पुराण में सावन महीने में माता पार्वती द्वारा भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किए गए कठोर तप का वर्णन मिलता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न करने और अपने सौंदर्य व ऊर्जा को निखारने के लिए प्राकृतिक औषधियों और मेहंदी का लेप लगाया था.
शास्त्रों के अनुसार, मेहंदी को सौभाग्य और पवित्रता का प्रतीक माना गया है. इसलिए, पौराणिक ग्रंथों में कहीं भी कुंवारी कन्याओं के लिए मेहंदी लगाने पर कोई मनाही नहीं है. बल्कि, यह माना जाता है कि यदि अविवाहित लड़कियां सावन के दौरान शुभ भाव से हाथों में मेहंदी लगाती हैं, तो उन्हें मां पार्वती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और मनचाहे वर की प्राप्ति का योग बनता है.

देश के बंटवारे की पीड़ा को किया याद, PM बोले- अपनों से बिछड़े लोगों ने फिर खड़ी की जिंदगी
अमृत मिशन परियोजना की धीमी प्रगति पर एक्शन, 5 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया
मध्य प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ा, पूर्वी इलाकों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
राशिफल 14 अगस्त 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
युवा अपने हौसलों को मजबूत करें और लक्ष्य हासिल करने निरंतर प्रयास करें : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के रंग में रंगा शहर अम्बिकापुर