मध्य प्रदेश विधानसभा से चंदन के पेड़ चोरी करने की कोशिश, हाई सिक्योरिटी में किसने की सेंधमारी?
भोपाल: मध्य प्रदेश में 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है. ऐसे में विधानसभा परिसर के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में 1 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. जिससे विधानसभा परिसर के अंदर कोई आतंकवादी या आपराधिक गतिविधियों वाले लोग प्रवेश न कर सकें. इसके बावजूद विधानसभा परिसर के अंदर चोरों ने चंदन के पेड़ को चोरी करने की कोशिश की. एक चंदन के पेड़ को काटा गया है और 2 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई है. यह मामला सामने आने के बाद विधायकों ने विधानसभा की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं.
'329 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर'
विधानसभा परिसर में चंदन के पेड़ की चोरी का प्रयास करने और इसे काटने के मामले में पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि "भाजपा की सरकार सत्ता के नशे में मदहोश है. विधानसभा में चंदन के पेड़ सुरक्षित नहीं हैं तो सोच लो क्या होगा. सरकार गहरी नींद में सोई हुई है. मध्य प्रदेश में 329 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर हुई है. यहां चंदन के पेड़ों की क्या रखवाली करेंगे. कांग्रेस सरकार में माफिया मध्य प्रदेश छोड़कर भाग रहे थे लेकिन जब सर्वाेच्च संस्था में पेड़ कट गए आप अनुमान लगाइए क्या स्थिति है."
'चोरों को पकड़ने के लिए टीम गठित'
एमपी नगर जोन के एसीपी मनीष भारद्वाज ने बताया कि "चंदन का पेड़ कटने की सूचना विधानसभा सचिवालय द्वारा दी गई है. जिस पेड़ को काटा गया है, उसका निरीक्षण करने के बाद एक टीम गठित की गई है. इसमें विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों के सुरक्षाकर्मियों को शामिल किया गया है. चोरों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. सभी एंगलों से जांच की जा रही है. अभी जांच का प्रारंभिक स्तर है, सभी एंगल पर जांच करेंगे. जिसकी भी गलती होगी, उस पर उचित कार्रवाई होगी. यहां एक चंदन के पेड़ को काटा गया है और 2 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई है."
2 दिन पुरानी बताई जा रही घटना
विधानसभा के एक कर्मचारी ने बताया कि 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की वजह से विधानसभा का सत्र नहीं था. लेकिन यह पेड़ गुरुवार को कटा हुआ था. संभवतः मंगलवार यानि 2 दिसंबर की रात में चंदन के पेड़ को काटा गया होगा. लेकिन सुरक्षाकर्मियों का ध्यान नहीं गया. एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि गुरुवार को विधानसभा सत्र शुरु हो चुका था. इस दौरान दोपहर में एक व्यक्ति चंदन के कटे हुए पेड़ पर बैठकर चाय पी रहा था. इसी दौरान कुछ सुरक्षाकर्मियों ने उस व्यक्ति को उस जगह पर चाय पीने से मना किया. जब सुरक्षाकर्मियों का ध्यान चंदन के कटे हुए पेड़ पर गया. इसके बाद विधानसभा सचिवालय को सूचना दी गई.
'आतंकवादी घुस जाएंगे तो सरकार क्या करेगी?'
इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक आरके दोगने ने कहा कि "प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा जहां पुलिस और सारे विधायक और मंत्री बैठते है. वहां से पेड़ कट जाना बहुत सीरियस लेना चाहिए. मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्रालय है. कानून व्यवस्था पर सवाल उठता है. विधानसभा में अगर चंदन के पेड़ कट जा रहे हैं तो कानून व्यवस्था कहां है. कैमरे लगे हुए हैं इसके बाद भी आरोपी नहीं पकड़ में आ रहे हैं. यहां आतंकवादी घुस जाएंगे तो फिर सरकार क्या करेगी. इसलिए चोरों को पकड़ना बहुत जरूरी है.
वहीं इस मामले को लेकर जल संसाधान मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि "जो भी उचित कार्रवाई होगी, हम करेंगे. इस मामले में सरकार निर्णय लेकर एक्शन लेगी."

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