इंडिगो की लगातार गड़बड़ियों पर MP सरकार की सख्ती, कैलाश बोले—कमियां तुरंत दूर करें
इंडिगो संकट के बीच यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने एक्शन लिया है. सरकार ने फेयर कैप लगा दिया है. अब हर अधिकतम दूरी के लिए अधिकतम किराया तय कर दिया है. एयरलाइंस अब 18 हजार रुपये से ज्यादा किराया नहीं वसूल पाएगी. वहीं मामले पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि इंडिगो एयरलाइंस की लगातार गड़बड़ियों के कारण सरकार ने फैसला लिया है |
‘इंडिगो को समय दिया गया है, अपनी कमियों को तुरंत दूर करें’
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘सरकार ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया है. इंडिगो एयरलाइंस को समय दिया है. उस समय के अंदर, जो इंडिगो की जो कमिया हैं, उसे पूरी कर लें. सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय में सभी व्यवस्थाएं सुधार ली जाएं |
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने फेयर कैप लागू किया
इंडिगो संकट के बीच उड्डयन मंत्रालय ने निर्देश जारी किए हैं. इसमें निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में यात्रियों से मनमानी या अवसरवादी तरीके से किराए की वसूली को स्वीकार नहीं किया जाएगा. मंत्रालय ने इसको लेकर सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है. अब निर्धारित सीमा से ज्यादा एयरलाइंस किराया नहीं वसूल पाएगी |
सरकार ने 500 किलोमीटर तक साढ़े 7 रुपये, 500 से 1000 किलोमीटर तक 12 हजार रुपये, 1000 से 1500 किलमोटर तक 15 हजार रुपये और 1500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए अधिकतम किराया 18 हजार रुपये निर्धारित किया है. जिससे अब एयरलाइंस कंपनियां आपदा के समय मनमानी वसूली नहीं कर पाएंगी |

अनशन खत्म करने से पहले सोनम वांगचुक की सरकार से बड़ी मांग, पत्र लिखकर रखी शर्त
सीमा राजभर पर बलिया में मुकदमा दर्ज, सपा की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कार्रवाई
शिवसेना विवाद: उद्धव गुट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तैयार, बागी सांसदों और लोकसभा सचिवालय को नोटिस
क्वाड बैठक में जयशंकर का बड़ा बयान, स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत पर दिया जोर
सावधान! मध्य प्रदेश में 'चड्डी-बनियान गैंग' की दस्तक, पुलिस ने जारी की चेतावनी
पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी का बड़ा आरोप, बोले- 10 साल में 152 मामले, लेकिन कार्रवाई नहीं
भोजशाला मामले में नया मोड़, नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद
अवैध निर्माण पर सख्ती, निगम ने 50+ बिल्डिंग नक्शे जांच के दायरे में लिए