31 तारीख नहीं, महावीर जयंती की छुट्टी अब इस दिन होगी
मध्यप्रदेश में इस बार महावीर जयंती को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जो छुट्टी पहले 31 मार्च को तय थी, अब उसे बदलकर 30 मार्च कर दिया गया है। यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि धार्मिक परंपराओं और लगातार उठ रही मांगों के बाद लिया गया है। राज्य सरकार के इस फैसले ने लोगों के प्लान, ऑफिस शेड्यूल और स्कूल-कॉलेज की छुट्टियों को भी प्रभावित किया है।
29 मार्च 2026 को रविवार के दिन जारी आदेश में यह साफ कर दिया गया कि महावीर जयंती की सरकारी छुट्टी अब 30 मार्च को ही मानी जाएगी। ऐसे में जो लोग 31 मार्च को छुट्टी की उम्मीद कर रहे थे, उनके लिए यह बदलाव थोड़ा चौंकाने वाला जरूर है।
क्यों बदली गई महावीर जयंती की छुट्टी
मध्यप्रदेश सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य वजह धार्मिक परंपराएं हैं। जैन समाज के अनुसार इस वर्ष भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक 30 मार्च को मनाया जाएगा। पहले जो सरकारी कैलेंडर जारी हुआ था, उसमें छुट्टी 31 मार्च को घोषित की गई थी, जो वास्तविक तिथि से अलग थी।
इसी गलती को सुधारने के लिए पृथ्वीपुर से विधायक नितेंद्र बृजेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर छुट्टी की तारीख बदलने की मांग की थी। उन्होंने साफ कहा था कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार सही तारीख पर ही अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
संगठनों की मांग के बाद सरकार ने लिया फैसला
सिर्फ विधायक ही नहीं, बल्कि भाजपा, कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया। सभी ने सरकार से आग्रह किया कि महावीर जयंती की छुट्टी सही दिन यानी 30 मार्च को घोषित की जाए।
इन सभी मांगों पर विचार करने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला लिया और 31 मार्च की जगह 30 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित कर दिया। इस फैसले को लेकर सरकार ने आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है।
सरकार के आदेश में क्या खास बात कही गई
सरकार की ओर से जारी आदेश में एक और महत्वपूर्ण बात कही गई है। अगर किसी जिले में महावीर जयंती 31 मार्च को मनाई जाती है, तो वहां अलग से आदेश जारी करने की जरूरत नहीं होगी।
इसका मतलब यह है कि स्थानीय स्तर पर जरूरत के हिसाब से लचीलापन रखा गया है। यानी जहां जिस दिन परंपरा के अनुसार त्योहार मनाया जाएगा, वहां उसी के अनुसार व्यवस्था की जा सकती है।
महावीर जयंती का महत्व क्या है
महावीर जयंती जैन धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान महावीर के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जैन समाज में विशेष पूजा, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पर्व अहिंसा, सत्य और संयम का संदेश देता है। पूरे देश में इसे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, खासकर मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में जहां जैन समाज की अच्छी-खासी संख्या है।

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