निवेश में सोने की भूमिका: रखें या निकालें, क्या है सही फैसला
कानपुर। कानपुर के किदवई नगर के रहने वाले मनोहर पाल इन दिनों अपनी जमा-पूंजी को लेकर थोड़े चिंतित हैं। जनवरी की शुरुआत में जब सोने की कीमतें अपने चरम पर थीं, तब उन्होंने एक बड़ा निवेश किया था। उन्हें उम्मीद थी कि यह एक सुरक्षित कदम होगा, लेकिन बाजार के हालिया रुख ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
जो सोना 29 जनवरी 2026 को एमसीएक्स पर 1,80,779 रुपये प्रति दस ग्राम के ऐतिहासिक शिखर पर था, वह 28 अप्रैल 2026 तक करीब 18% गिरकर 1,49,502 रुपये पर आ गया है। अब मनोहर जैसे कई निवेशक इस कशमकश में हैं कि क्या वे इस निवेश से बाहर निकल जाएं या और गिरावट का इंतजार करें।
सोने में निवेश: डरें नहीं, भविष्य अभी भी सुनहरा है
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में आई यह गिरावट एक अस्थायी सुधार (Correction) है। लॉन्ग-टर्म में सोने की चमक बरकरार रहने के कई कारण हैं:
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वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के बैंक अपने भंडार में लगातार सोना बढ़ा रहे हैं।
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भू-राजनीतिक अस्थिरता: अमेरिका-ईरान जैसे वैश्विक तनाव और अनिश्चितता के दौर में सोना सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।
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डॉलर का दबाव: दुनिया भर में डॉलर पर निर्भरता कम करने (De-dollarization) की कोशिशें सोने को मजबूती दे रही हैं।
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महंगाई से बचाव: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई को जन्म देती हैं, और सोना इस महंगाई के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम करता है।
सफल निवेश के लिए अपनाएं ये रणनीतियां
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एकमुश्त के बजाय SIP: उतार-चढ़ाव वाले बाजार में सारा पैसा एक साथ लगाने के बजाय Gold ETF या डिजिटल गोल्ड में मासिक निवेश (SIP) का रास्ता चुनें।
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पोर्टफोलियो का संतुलन: अपने कुल निवेश का केवल 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा ही सोने में रखें। यह आपके शेयर बाजार के पोर्टफोलियो में होने वाले नुकसान को संतुलित करने में मदद करेगा।
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लंबी अवधि का नजरिया: सोने को कम समय में मुनाफा कमाने का जरिया न समझें। बेहतर रिटर्न (Double Digit CAGR) के लिए कम से कम 5 से 10 साल का लक्ष्य रखें।
विशेषज्ञों की राय: क्या है अगला लक्ष्य?
"मनोहर जैसे निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। रुपये की कमजोरी भारतीय बाजार में कीमतों को सहारा देगी। 2027 के अंत तक सोना 1,95,000 रुपये के स्तर को पार कर सकता है।" — अंकित कपूर, हेड रिसर्च, कमोडिटी समाचार सिक्योरिटीज
"सोने ने ऐतिहासिक रूप से 15% की दर से रिटर्न दिया है। मौजूदा गिरावट बुल मार्केट का एक हिस्सा मात्र है। हमारा 2,40,000 रुपये का लक्ष्य अभी भी कायम है।" — मनोज जैन, डायरेक्टर, पृथ्वी फिनमार्ट
"सोना फिलहाल एक सीमित दायरे में है। इस गिरावट को खरीदारी के एक बेहतरीन अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।"

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