कछुआ तस्करी का बड़ा खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार, 7 Turtle बरामद
कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की एक विशेष टीम ने घेराबंदी कर चार तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है, जिनके पास से 7 जीवित कछुए बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई मुखबिर की उस सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति दुध नदी स्टॉप डैम के पास वन्यजीवों के शिकार और उनकी बिक्री की फिराक में हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को उस समय धर दबोचा जब वे कछुओं को बोरियों में छिपाकर ले जाने की तैयारी कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की त्वरित घेराबंदी
कोतवाली पुलिस को गश्त के दौरान गुप्त जानकारी मिली थी कि पंडरीपानी स्थित सरकारी शराब दुकान के पास नदी क्षेत्र में कछुओं का अवैध शिकार किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर पुलिस को चार लोग संदिग्ध अवस्था में मिले, जिनकी तलाशी लेने पर उनके पास से वन्यजीव बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनबोध राम भेडिया, संदीप कुमार गोटा, उमेश कुमार गोटा और ऐवन कुमार गोटा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी कोरर क्षेत्र के पोटगांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने बरामद कछुओं को सुरक्षित रखते हुए वन विभाग को भी घटना की सूचना दे दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी स्थानीय नदियों से कछुओं का शिकार कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
तस्करी नेटवर्क के खुलासे के लिए गहन पूछताछ
पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि इस तस्करी के पीछे जुड़े बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। पकड़े गए आरोपियों से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है कि वे इन कछुओं को किसे बेचने वाले थे और क्या इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय तस्करों से भी जुड़े हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस पूछताछ से क्षेत्र में सक्रिय अन्य वन्यजीव तस्करों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे वन्यजीवों के शिकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

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