मासूम से दरिंदगी के आरोपी का अंत, पुलिस एनकाउंटर में मारा गया
हरदोई: मासूम की हत्या के आरोपी का पुलिस ने किया एनकाउंटर, मुठभेड़ में इनामी बदमाश ढेर
हरदोई जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना का अंजाम देने वाले अपराधी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। यह आरोपी उस आठ वर्षीय मासूम के अपहरण और हत्या के मामले में वांछित था, जो पिछले शुक्रवार को उर्स का मेला देखने के दौरान लापता हो गया था। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के अनुसार, आरोपी की पहचान कन्नौज निवासी मेनूर उर्फ सेनूर के रूप में हुई है, जिसे बुधवार तड़के बाबटमऊ के समीप घेराबंदी के दौरान ढेर कर दिया गया। इस साहसिक कार्रवाई में स्वात टीम (एसओजी) के प्रभारी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मेले से अपहरण और खेत में शव मिलने की हृदयविदारक घटना
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का मासूम बच्चा स्थानीय उर्स मेले से अचानक गायब हो गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी, लेकिन मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब बच्चे का शव गांव के ही एक मक्के के खेत में मिट्टी में दबा हुआ पाया गया। पुलिस की तफ्तीश में मुख्य संदिग्ध के रूप में सेनूर का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। प्रशासन ने आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उस पर पचास हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था।
तड़के हुई मुठभेड़ और पुलिस की जवाबी कार्रवाई
बुधवार की सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बाइक से भागने की फिराक में है। बाबटमऊ के पास जब पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलाबारी में एसओजी प्रभारी राजेश यादव जख्मी हो गए, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए अपराधी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आपराधिक इतिहास और मौके से बरामदगी का विवरण
मारे गए अपराधी के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी सेनूर के खिलाफ विभिन्न जिलों के अलग-अलग थानों में संगीन धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज थे। वह एक शातिर किस्म का अपराधी था जो लगातार अपनी पहचान बदलकर कानून को चकमा दे रहा था। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस विभाग ने राहत की सांस ली है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इस जघन्य अपराध ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी थी।

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