छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जमीनी विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई और बात गोलीबारी तक पहुंच गई। इस खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति के सीने में गोली लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। गोली चलाने का सीधा आरोप बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम उर्फ सौरव गर्ग पर लगा है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपी शालिग्राम एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं।

जमीनी विवाद में किसान को मारी गोली

मंगलवार को हुए इस पूरे घटनाक्रम में बताया जा रहा है कि जमीन से जुड़े एक पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई थी। बहस इतनी बढ़ गई कि शालिग्राम गर्ग ने मोतीलाल कुशवाहा नाम के एक किसान के साथ पहले बेरहमी से मारपीट की और फिर उस पर गोली चला दी। गोली सीधे किसान के सीने में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। आनन-फानन में घायल किसान को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और इलाज जारी है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गया है।

विवादों से पुराना नाता रहा है शालिग्राम का

यह कोई पहला मौका नहीं है जब शालिग्राम गर्ग का नाम किसी गंभीर विवाद या आपराधिक मामले में सामने आया हो। इससे पहले भी उन पर खुलेआम पिस्टल लहराने, लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और टोल प्लाजा के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी व झगड़ा करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। छतरपुर के गढ़ा गांव में जन्मे शालिग्राम का परिवार लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उनके पिता पंडित रामकृपाल गर्ग कथावाचक हैं, लेकिन शालिग्राम लगातार अपनी दबंगई और विवादित हरकतों की वजह से कानून के घेरे में आते रहे हैं।

भाई के कारनामों पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का रुख

आरोपी शालिग्राम गर्ग के बड़े भाई और देश-विदेश में प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पूरे मामले से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले भी कई सार्वजनिक मंचों से स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका या बागेश्वर धाम का शालिग्राम की गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है।