मीनोपोज के बाद फिट रहने खानपान में करें बदलाव
मीनोपोज ( माहवारी) बंद होने के बाद बढ़ने वाला बैली फैट कई महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या है। ये कोई साधारण फैट नहीं है, जो डाइटिंग और योगा से कम हो जाए! इसलिए इसे जिद्दी फैट भी कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने इस वजह को ढूंढ निकाला है कि आखिर मीनोपोज के बाद मोटापा क्यों बढ़ता है? शोधकर्ताओं के मुताबिक, मीनोपोज के बाद एस्ट्रोजन लेवल कम होने से हिप्स और थाईंज का फैट लोअर-एब्डॉमन में चला जाता है लेकिन डाइट में बदलाव करके आप शरीर का एक्सट्रा फैट घटा सकते हैं।
मीनोपोज के बाद के मोटापे को यूं घटाएं
आमतौर पर महिलाएं बेली फैट कम करने के चक्कर में हेल्दी फैट का सेवन करना भी छोड़ देती हैं जो कि गलत है। क्या आप जानते हैं कुछ फैट ऐसे भी होते हैं जिनका सेवन बैली फैट घटाने में मदद कर सकता है। जैसे एवोकैडो, ऑलिव्स, सैल्मन मछली और कोकोनट ऑयल। अध्ययन से पता चला है कि एक महीने के लिए हर सप्ताह तीन बार 28 ग्राम साल्मन मछली खाने से लगभग एक किलो से अधिक वजन घटाया जा सकता है। ऐप्पल साइडर विनेगर (सिरका) आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है। सिरका में शामिल एसिडिक एसिड प्रोटीन वजन कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही ग्रीन स्मूदी भी आपका बैली फैट घटाने में मददगार हो सकती है।

त्रिवेणी संगम पर आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का दिव्य संगम, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मान
माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया
पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री साय
CG : तेज रफ्तार और ढलान बनी काल: कवर्धा में ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत, 5 मासूम घायल
उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा : टंक राम वर्मा
सुदूर अंचलों के श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या धाम का सौभाग्य, मुख्यमंत्री ने कहा — यही जनसेवा की प्रेरणा…
धमकी के बाद कोर्ट परिसरों में हड़कंप, पुलिस अलर्ट
लेप्रोस्कॉपिक सर्जन की पदस्थापना से बलौदाबाजार जिला अस्पताल की बढ़ी क्षमता
ED: टीना अंबानी दूसरी बार ईडी के समन पर नहीं हुईं पेश, अमेरिका से जुड़ी संपत्ति को लेकर होनी है पूछताछ
आवारा कुत्तों के मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार हंगामा, “कुत्तों के प्रभारी हैं” कैलाश विजयवर्गीय