चैटजीपीटी को सब्सक्राइबर बढ़ने से घाटा?
नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआईचैटवाट के सब्सक्राइबर तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। उसी तेजी के साथ कंपनी का घाटा भी बढ़ रहा है। कंपनी के सह संस्थापक सैम आलटमैन का कहना है। सब्सक्राइबर बढ़ाने के कारण कंपनी को नुकसान हो रहा है। चैट जीटीपी का सालाना सब्सक्राइबर शुल्क भारत में करीब 17000 रुपए प्रति वर्ष है। भारत में तेजी के साथ सब्सक्राइबर बढ़ रहे हैं। जिसके कारण चैट जीपीटी कंपनी की लागत बढ़ती चली जा रही है। ग्राहकों को प्रीमियम सुविधा देने के लिए ओपन एआई की कंप्यूटिंग लागत पर कंपनी को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। कंपनी के इस बयान के बाद ऐसा लग रहा है कि कंपनी भारत में अपना शुल्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है। भविष्य में सालाना सब्सक्रिप्शन और भी महंगा हो सकता है।

नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन: 52 साल बाद इंसानों को चांद के करीब भेजा
दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर असम पुलिस का छापा, पासपोर्ट विवाद उभरा
हैदराबादी बिरयानी ने Heinrich Klaasen को किया बेहाल, पसीने छूटे
बस्तर 2.0 की शुरुआत, Vishnu Deo Sai ने पीएम को सौंपा विकास प्लान
छत्तीसगढ़ में ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ बना कानून, राज्यपाल की मंजूरी
गूगल मैप के भरोसे पड़ा महंगा, गली में घुसा ट्रेलर, कई वाहन क्षतिग्रस्त