ताइवान में नई सरकार बनने से बौखलाया चीन
चीन ने एक साल के भीतर ताइवान के आसपास कई सैन्य अभ्यास किए। ताइवान में नए राष्ट्रपति के शपथ लेने के कुछ ही दिनों बाद चीन ने ताइवान के आसपास एक साल में अपना सबसे व्यापक सैन्य अभ्यास आयोजित किया। चीन ने गुरुवार सुबह 7:45 बजे (स्थानीय समय) से सैन्य अभ्यास की शुरुआत की। चीन के इस अभ्यास का मकसद आजाद ताइवान की मांग कर रहे अलगाववादी लोगों को सजा देना और बाहरी तकतों के हस्तक्षेप को चेतावनी देना है।बाहरी ताकतों का मतलब अमेरिका से है। बता दें कि अमेरिका ताइवान का मुख्य सैन्य समर्थक है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन लगातार कह रहे हैं कि अगर हमला हुआ तो अमेरिका 23 मिलियन लोगों की रक्षा करेगा। वहीं चीन का मकसद ताइवान को अपने नियंत्रण में लेना है।लाई चिंग-ते ने सोमवार को ताइवान के नए राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभाला। अपने शपथ समारो में उन्होंने कहा था कि चीन को युद्ध की धमकी छोड़ देनी चाहिए। लाई के कार्यभार संभालने पर चीन ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। लाई को बधाई देने के लिए चीन न अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की निंदा की। चीन ने ताई-पे का समर्थन करने वाले एक अमेरिकी कांग्रेसी और अमेरिका के रक्षा कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाया।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (25 फरवरी2026)
म.प्र. में सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस रद्द करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा
एक मां पर बेटे की हत्या का आरोप, आज हाईकोर्ट ने सुनाया एतिहासिक फैसला
उमा भारती के परिवार को बम से उड़ाने की धमकी
Digvijaya Singh ने तोड़ी सौगंध? मंच पर दिखे राहुल गांधी के साथ
British Airways की फ्लाइट खराब मौसम के कारण डायवर्ट
प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बने शिवम वर्मा
Mumbai में प्रदूषण पर सख्त कदम, 1000+ साइट्स को नोटिस
बरेली के मौलाना ने पीएम मोदी से की इज़राइल यात्रा रद्द करने की अपील