नवरात्र में उपवास के दौरान शुगर लेवल को कैसे बनाए रखें
नवरात्र में उपवास सदियों पुरानी परंपरा है। व्रत का कनेक्शन महज आस्था से ही नहीं, सेहत से भी है और अच्छी बात ये है कि 'एकभुक्तं सदारोग्यं, द्विभुक्तं बलवर्धनम्' के सिद्धांत को अब वेस्टर्न कंट्रीज भी मानने लगी हैं। 'यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया' ने आयुर्वेद के इस सिद्धांत को 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' वाले मरीजों पर अप्लाई किया और जल्दी ही इसका उन्हें फायदा भी दिखा। आप सोच रहे होंगे कि ये मेटाबॉलिक सिंड्रोम क्या है। खराब खानपान और लाइफ स्टाइल के गलत तरीके से शरीर में जब ब्लड शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल इम्बैलेंस हो जाते हैं, तब हार्ट डिजीज-स्ट्रोक और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है और इस मेडिकल कंडीशन को ही मेटाबॉलिक सिंड्रोम कहते हैं। फास्टिंग बीमारी में दवा से ज्यादा असरदार साबित हो सकती है। 17 घंटे भूखे रहने से ग्लूकोज लेवल बैलेंस होगा। पेट खाली रहने से पैंक्रियाज ज्यादा एक्टिव होते हैं और इससे इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है जिससे ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इससे लिवर और मसल्स को ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में भी आसानी होती है। शरीर की मशीनरी को आराम मिलने से बॉडी को एनर्जी रिस्टोर करने में भी मदद मिलती है।
हाई और लो शुगर: व्रत के दौरान सावधानियाँ
ये फॉर्मूला तब काम करता है, जब आप हाई शुगर के पेशेंट हैं। लेकिन अगर आपका शुगर लो रहता है तो व्रत रखने से ग्लूकोज लेवल डिप हो सकता है जिसमें अचानक बहुत पसीना आता है, हाथ-पैर कांपते हैं, कमजोरी महसूस होती है और धड़कन तेज हो जाती है। इसलिए व्रत-उपवास रखने से पहले इन बातों का ख्याल जरूर रखें। इसका सीधी-सीधा मतलब ये है कि शुगर लेवल ज्यादा बढ़ जाए तो भी दिक्कत है और कम हो तो भी दिक्कत है। ऐसे में वो 20 करोड़ से ज्यादा लोग व्रत कैसे रखें जो डायबिटीज के शिकार हैं या प्री डायबिटिक हैं। आइए स्वामी रामदेव से जानते हैं कि व्रत-उपवास और योग से कैसे शुगर कंट्रोल होगा क्योंकि आयुर्वेद के सिद्धांत को सभी पश्चिमी देश के साइंटिस्ट भी मानने लगे हैं।
भारत में डायबिटीज के मरीज
- भारत में 10 करोड़ से ज्यादा मरीज
- पिछले 30 साल में 150% बढ़े
- अगले 15 साल में करीब 14 करोड़ होंगे
डायबिटीज के प्रमुख लक्षण
- ज्यादा प्यास लगना
- वजन घटना
- धुंधला दिखना
- ज्यादा यूरिन आना
- सिरदर्द
- घाव न भरना
- कमजोरी
क्या डायबिटीज का कारण बनता है
- तनाव
- बेवक्त खाना
- जंकफूड
- पानी कम पीना
- वक्त पर न सोना
- वर्कआउट न करना
- मोटापा
- जेनेटिक
WHO की गाइडलाइन: चीनी का सेवन कितना हो?
- 1 दिन में 5 ग्राम से ज्यादा चीनी न खाएं
- 5 ग्राम यानी 1 चम्मच
- 3 गुना ज्यादा चीनी खाते हैं लोग
- सफेद चावल से डायबिटीज का रिस्क
- 20% ज्यादा डायबिटीज का खतरा
डायबिटीज के लिए लाभकारी
- खीरा-करेला-टमाटर का जूस लें
- गिलोय का काढ़ा पिएं
- मंडूकासन-योगमुद्रासन फायदेमंद
- 15 मिनट कपालभाति करें
- 40 मिनट योग का संकल्प

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