इस प्रकार महादेव होंगे प्रसन्न
कालों के काल महाकाल शिव शंकर की महिमा से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं। कहते हैं कि देवों के देव महादेव को प्रसन्न करना बहुत आसान है। इनकी पूजा पूरी श्रद्धा और भाव से की जाए तो आप पर भोलेनाथ की कृपा बनी रहेगी। सावन में तो भागवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।
इस शिव स्तुति से करें प्रभु के हर रूप का ध्यान। जय शिवशंकर, जय गंगाधर, करूणाकर करतार हरे। जय कैलाशी, जय अविनाशी, सुखराशी सुखसार हरे। जय शशिशेखर, जय डमरूधर, जय जय प्रेमागार हरे।जय त्रिपुरारी, जय मदहारी, नित्य अनन्त अपार हरे। निर्गुण जय जय सगुण अनामय निराकार साकार हरे। पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे।जय रामेश्वर, जय नागेश्वर, वैद्यनाथ, केदार हरे।मल्लिकार्जुन, सोमनाथ, जय महाकार, ओंकार हरे।जय त्रयम्बकेश्वर, जय भुवनेश्वर, भीमेश्वर, जगतार हरे।काशीपति श्री विश्वनाथ जय मंगलमय अधहार हरे।नीलकंठ, जय भूतनाथ, जय मृतुंजय अविकार हरे।पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे। भोलानाथ कृपालु दयामय अवढर दानी शिवयोगी।निमिष मात्र में देते है नवनिधि मनमानी शिवयोगी। सरल हृदय अति करूणासागर अकथ कहानी शिवयोगी। भक्तों पर सर्वस्व लुटाकर बने मसानी शिवयोगी।
स्वयं अकिंचन जन मन रंजन पर शिव परम उदार हरे। पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे।
आशुतोष इस मोहमयी निद्रा मुझे जगा देना। विषय वेदना से विषयों की मायाधीश छुड़ा देना। रूप सुधा की एक बूद से जीवन मुक्त बना देना। दिव्य ज्ञान भण्डार युगल चरणों की लगन लगा देना। एक बार इस मन मन्दिर में कीजे पद संचार हरे।
पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे। दानी हो दो भिक्षा में अपनी अनपायनी भक्ति विभो।
शक्तिमान हो दो अविचल निष्काम प्रेम की शक्ति प्रभो। त्यागी हो दो इस असार संसारपूर्ण वैराग्य प्रभो।
परम पिता हो दो तुम अपने चरणों में अनुराण प्रभो। स्वामी हो निज सेवक की सुन लीजे करूण पुकार हरे।
पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे।
तुम बिन व्यकुल हूं प्राणेश्वर आ जाओ भगवन्त हरे। चरण कमल की बॉह गही है उमा रमण प्रियकांत हरें।
विरह व्यथित हूं दीन दुखी हूं दीन दयाल अनन्त हरे। आओ तुम मेरे हो जाओ आ जाओ श्रीमंत हरे।
मेरी इस दयनीय दशा पर कुछ तो करो विचार हरे। पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे। जय महेश जय जय भवेश जय आदि देव महादेव विभो। किस मुख से हे गुणातीत प्रभुत तव अपार गुण वर्णन हो। जय भव तारक दारक हारक पातक तारक शिव शम्भो। दीनन दुख हर सर्व सुखाकर प्रेम सुधाकर की जय हो। पार लगा दो भवसागर से बनकर करूणा धार हरे।
पारवती पति हर-हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे। जय मनभावन जय अतिपावन शोक नसावन शिवशम्भो।
विपति विदारण अधम अधारण सत्य सनातन शिवशम्भो। वाहन वृहस्पति नाग विभूषण धवन भस्म तन शिवशम्भो।
मदन करन कर पाप हरन धन चरण मनन धन शिवशम्भो। विश्वन विश्वरूप प्रलयंकर जग के मूलाधार हरे।
पारवती पति हर हर शम्भो पाहि-पाहि दातार हरे।

तमिलनाडु चुनाव से पहले गठबंधन में दरार? भाजपा का बड़ा दावा
'द केरल स्टोरी' के निर्देशक की आगामी फिल्म ‘चरक’ का टीजर रिलीज, अंधविश्वास पर सवाल उठाती है कहानी
दुल्हन बनीं पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर? कथित बॉयफ्रेंड के साथ किया डांस; जानें वायरल वीडियो की सच्चाई
IND vs PAK: पाकिस्तान के कोच माइक हेसन ने इस भारतीय खिलाड़ी को जमकर सराहा, बोले- उसने हमसे मैच छीन लिया
महाशिवरात्रि के दिन पुजारी की निर्मम हत्या, धारदार हथियार से चलती बाइक पर किया हमला
प्रियांक खड़गे का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
'किंग' के लिए अभिषेक बच्चन ने अपनाया नया लुक, क्या खलनायक की भूमिका में नजर आएंगे अभिनेता
निशाने पर नकवी: 'अयोग्य व्यक्ति को काम देना जुर्म', हार के बाद पीसीबी प्रमुख पर भड़के अख्तर; सुनाई खरी-खोटी
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन मौसम स्थिर, दिन में हल्की गर्मी और सुबह धुंध के आसार
सशक्त ऐप से बिलासपुर पुलिस की बड़ी सफलता, 10 दिन में 29 चोरी के वाहन बरामद