ओशो जन्मस्थली पहुंचे मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, किया स्थल का अवलोकन
रायसेन। उदयपुरा विधानसभा अंतर्गत ग्राम कुचवाड़ा में स्थित आचार्य रजनीश (गुरु ओशो) की जन्मस्थली आज एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना के केंद्र के रूप में चर्चित रही, जब पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आश्रम परिसर का भ्रमण किया. ओशो के जन्म शताब्दी वर्ष के इस अवसर पर उन्होंने पूरे परिसर का गहन निरीक्षण करते हुए उसकी वर्तमान स्थिति, व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं का सूक्ष्म अवलोकन किया. यह भ्रमण केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय मनीषी परंपरा के प्रति श्रद्धा और दायित्वबोध का प्रतीक रहा. उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व जबलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री पटेल ने ओशो जन्मस्थली आने की इच्छा व्यक्त की थी. उसी संकल्प के अनुरूप आज वे ग्राम कुचवाड़ पहुंचे और ओशो से जुड़े स्थलों के संरक्षण पर अपने विचार साझा किए.
संरक्षण से साधना तक
आश्रम की वास्तविक स्थिति को देखकर मंत्री पटेल ने इस पवित्र स्थल के संरक्षण, संवर्धन एवं आवश्यक सुधार कार्य कराने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि भगवान रजनीश ओशो के विचार ध्यान, चेतना और आत्मबोध से जुड़े हैं, जिन्होंने मानव जीवन को भीतर से देखने की दृष्टि दी. ओशो का प्रभाव न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक रहा है.
गुरु परंपरा: भारतीय आत्मा का आधार
इस अवसर पर मंत्री पटेल ने कहा, “गुरु परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा रही है. ओशो जैसे महान गुरु ने मानव चेतना को नई दिशा दी. ऐसे गुरुओं से जुड़े पवित्र स्थलों का संरक्षण समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन स्थलों का विकास केवल भौतिक नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक विरासत को सहेजने का प्रयास है. ओशो जन्मस्थली का संरक्षण आने वाले समय में साधकों, विचारकों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार