उत्तर कोरिया ने रूस को दीं बैलिस्टिक मिसाइलें : व्हाइट हाउस
वाशिंगटन । उत्तर कोरिया ने हाल ही में रूस को कई बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर मुहैया कराए हैं, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ हवाई हमलों में किया गया। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि अमेरिका के पास रूस को तीसरे देशों से मिल रहे सहयोग की नई जानकारी है।
किर्बी ने कहा,हमारे प्रतिबंधों और निर्यात नियंत्रणों के कारण, रूस विश्व मंच पर तेजी से अलग-थलग हो गया है और उन्हें सैन्य उपकरणों के लिए समान विचारधारा वाले राज्यों की ओर देखने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जैसा कि हम सार्वजनिक रूप से चेतावनी दे रहे हैं, उन राज्यों में से एक उत्तर कोरिया है। प्रवक्ता ने कहा कि 30 दिसंबर, 2023 को रूसी सेना ने यूक्रेन में उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों में से कम से कम एक से हमला किया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि मिसाइल ज़ापोरीज़िया क्षेत्र में एक खुले मैदान में गिरी है। किर्बी ने कहा कि 2 जनवरी को रूस ने यूक्रेन में कई उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, इसमें रात भर का हवाई हमला भी शामिल था।
प्रवक्ता ने कहा हम अभी भी इन अतिरिक्त मिसाइलों के प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलें लगभग 900 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका को आशंका है कि रूस यूक्रेन के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और निर्दोष यूक्रेनी नागरिकों को मारने के लिए अतिरिक्त उत्तर कोरियाई मिसाइलों का उपयोग करेगा।
किर्बी ने कहा कि उत्तर कोरिया संभवतः अपने समर्थन के बदले में रूस से सैन्य सहायता मांग रहा है। उन्होंने कहा, सहायता में लड़ाकू विमान, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, बख्तरबंद वाहन, बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन उपकरण या सामग्री और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिका का मानना है कि रूस ईरान से करीबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हासिल करना चाहता है।

टीम इंडिया की लुटिया डूबो कर ही मानेंगे गौतम गंभीर! हार के सबसे बड़े कसूरवार, प्लानिंग की चूक या जिद का खेल?
विधानसभा में सरकार घिरी, छात्रावास हादसे और योजना पर तीखी बहस
चार साल बाद वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे होंगे आमने-सामने, भारत की नजर भी इस मुकाबले पर रहेगी
जबलपुर में राकेश सिंह का बयान: बजट से प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार
रिटायर सैन्य अधिकारियों पर किताब लिखने की कोई पाबंदी नहीं: रक्षा मंत्री का स्पष्टीकरण
पावरप्ले में 'पावर' गायब!: टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी क्यों हो रही फेल? पांच मैचों में सिर्फ 34 रन की साझेदारी
शीर्ष क्रम फेल...उपकप्तान अक्षर को बाहर कर सुंदर को जगह!: इन सात वजहों से हारा भारत, टीम मैनेजमेंट सवालों में
34 साइबर ठग अरेस्ट, 45 फरार
T20 WC: हार के झटके के बाद क्या लिया जाएगा बड़ा फैसला, टीम इंडिया से बाहर होंगे फेल बल्लेबाज? कोच ने दिए संकेत
सुपर-8 के पहले मैच में हार से बिगड़ा भारत का गणित: नेट रन रेट बना नई टेंशन! सेमीफाइनल के लिए पूरा समीकरण समझिए