संसदीय समिति ने पांडुलिपियों के लिए AI आधारित समाधान को अपनाने का किया समर्थन
पांडुलिपियों को एआई आधारित प्लेटफॉर्म के जरिये ऑनलाइन खोजे जा सकने वाले लेख में बदलने और फिर विभिन्न भारतीय भाषाओं में इसका अनुवाद करने के लिए एडवांस्ड नॉलेज एक्सट्रैक्शन फ्रेमवर्क विकसित करने की योजना की एक सिफारिश संसदीय समिति ने की है।
परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में सलाह दी है कि संस्कृति मंत्रालय जमीनी स्तर के कर्मचारियों को पांडुलिपि मित्र बनाने के लिए गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर सकता है।
मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट
मंत्रालय को अनुदान की मांग की रिपोर्ट सौंपते हुए समिति ने कहा, 'यह प्रशिक्षित पांडुलिपि मित्र, स्थानीय स्तर पर पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण, संरक्षण और डिजिटलीकरण में सहायता करने के लिए आवश्यक कौशल और जानकारी से लैस होंगे।'
इसमें कहा गया है कि इसमें अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में पांडुलिपि पटल 2.0 को जोड़ना चाहिए, जो तमाम भाषाओं और लिपियों वाली पांडुलिपियों के बीच एआई आधारित खोज की क्षमता से लैस हो। इसमें संबंधित पांडुलिपियों को आपस में लिंक करने, सत्यापित शोधकर्ताओं को शैक्षिक जानकारी जोड़ने के साथ इसके लेख और अनुवाद में संपादन की भी अनुमति देना शामिल है। इसके लिए वर्जन कंट्रोल सिस्टम भी हो, ताकि पांडुलिपि के अर्थ में परिवर्तन को बाद में देखा भी जा सके। इस सिस्टम में ब्लॉक चेन तकनीक जोड़ने से यह और ज्यादा सुरक्षित, सत्यापित और बेहतर हो जाएंगी।

राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने