रणवीर इलाहाबादिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, संसदीय समिति भेज सकती है नोटिस
यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कॉमेडियन समय रैनी के शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में इस्तेमाल की गई अभद्र टिप्पणियों का मामला संसद तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, आईटी मामलों की संसदीय समिति इस मामले को लेकर रणवीर इलाहाबादिया को नोटिस भेजने पर विचार कर रही है। समिति रणवीर को नोटिस भेज सकती है। एक दिन पहले ही समिति की सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने रणवीर को नोटिस भेजने की मांग की थी।
पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया, अपूर्व मखीजा समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। रणवीर इलाहाबादिया पर कार्यक्रम में माता-पिता पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यूट्यूब ने की कार्रवाई: वहीं, जब यह मामला काफी बढ़ गया तो अब यूट्यूब ने बड़ा कदम उठाते हुए उस विवादित एपिसोड को यूट्यूब से हटा दिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भी यूट्यूब से वीडियो हटाने की मांग की थी। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से नोटिस मिलने के बाद यूट्यूब ने वीडियो को हटा दिया है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन हो रहा है- वारिस पठान
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने भी इस मामले पर सवाल उठाए हैं। रणवीर अल्लाहबादिया की टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि "उनका बयान बेहद आपत्तिजनक है, जो यहां हो रहा है वह पश्चिमी संस्कृति में भी नहीं हो रहा है। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन किया है। रणवीर ने अपने माता-पिता के लिए जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, वह शर्मनाक है।"

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