शमी भेजे जा सकते हैं ऑस्ट्रेलिया
मुम्बई । भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को बॉर्डर गावस्कर सीरीज के बचे हुए मैचों के लिए शीघ्र ही ऑस्ट्रेलिया भेजा जा सकता है। भारतीय टीम को सीरीज के दूसरे ही मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में शमी के जाने से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर से दबाव कम होगा। शमी अभी बंगाल की ओर से सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में खेल रहे हैं। यहां उनको फिटनेस में अभी तक कोई समस्या नहीं हुई है। ऐसे में एनसीए की मेडिकल टीम उनकी फिटनेस की जांच करेगी और सब कुछ ठीक होने पर उन्हें दौरे पर भेजा जा सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह 26 दिसंबर ‘बॉक्सिंग डे’ से शुरु हो रहे चौथे टेस्ट में खेल सकते हैं।
वहीं प्राप्ति जानकारी के अनुसार शमी की किट पहले ही ऑस्ट्रेलिया भेज दी गई है। ऐसे में अब वह मुश्ताक अली ट्रॉफी टी20 टूर्नामेंट के पूरा होने के बाद ऑस्ट्रेलिया जाएंगे।’ शमी पिछले एक साल से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने भारतीय टीम की ओर से पिछला टूर्नामेंट नवंबर 2023 में एकदिवसीय विश्व कप खेला था। उसके बाद से ही टखने की सर्जरी के कारण उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा।
दूसरी ओर बंगाल के मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने कहा, शमी चंडीगढ़ के खिलाफ हमारे लिए प्री-क्वार्टर फाइनल खेलेंगे।वह कल तक बेंगलुरु में हमारे साथ जुड़ जाएंगे. हालांकि, मुझे नहीं पता कि अगर हम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करते हैं तो वह उपलब्ध होंगे या नहीं। लगता है कि वह फिट होंगे और ऑस्ट्रेलिया के आखिरी दो टेस्ट के लिए उपलब्ध होंगे।’

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन