वैशाख पूर्णिमा पर बाल धोना चाहिए या नहीं ? जानें
पंचांग के अनुसार कुल 30 तिथियों में सबसे खास पूर्णिमा तिथि मानी जाती है. ये मां लक्ष्मी का दिन होता है. इस दिन कुछ ऐसे काम हैं जो गलती से भी नहीं करने चाहिए. जानें. इस साल वैशाख पूर्णिमा 23 मई 2024 को है. पूर्णिमा पर विष्णु जी के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा, मां लक्ष्मी की उपासना और चंद्र को विशेष तौर पर अर्घ्य दिया जाता है. पूर्णिमा पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार तेज हो जाता है. इस दिन दैवीय शक्तियां खास तौर पर सक्रिय रहती हैं. यही वजह है कि पूर्णिमा के दिन की गई पूजा, पाठ, दान, स्नान सबका शुभ फल प्राप्त होता है जो लंबे समय तक सुख-समृद्धि देता है. लेकिन पूर्णिमा पर कुछ ऐसे भी काम हैं जो नहीं करें, जैसे तामसिक भोजन न खाएं,मदिरा से दूर रहें, अपशब्द न बोलें. शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा पर बाल नहीं धोना चाहिए. न ही बाल कटवाएं. इससे आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है. धन हानि हो सकती है. साथ ही दरिद्रता का घर में वास होता है. पुरुष, विवाहित, अवविवाहित महिलाएं सभी के लिए पूर्णिमा पर बाल धोना शुभ नहीं माना जाता. शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा पर बाल नहीं धोना चाहिए. न ही बाल कटवाएं. इससे आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है. धन हानि हो सकती है. साथ ही दरिद्रता का घर में वास होता है. पुरुष, विवाहित, अवविवाहित महिलाएं सभी के लिए पूर्णिमा पर बाल धोना शुभ नहीं माना जाता. पूर्णिमा वह समय होता है जब चंद्रमा की ऊर्जा अपने चरम पर होती है, जो पृथ्वी पर सकारात्मकता और रोशनी बिखेरती है, ऐसे वैशाख पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में बैठकर ध्यान करें. मान्यता है इससे रोगों का नाश होता है. भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय है,इसलिए पूर्णिमा के दिन गलती से भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है.

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