ट्रंप का खुलासा: अमेरिका के गुप्त हथियार डिस्कॉम्बोबुलेटर ने वेनेजुएला में मचाई थी तबही
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से वैश्विक रक्षा जगत में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने अमेरिका के एक ऐसे गुप्त और अदृश्य हथियार का खुलासा किया है, जिसका इस्तेमाल हाल ही में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के गुप्त मिशन में किया गया था। इस हथियार का नाम डिस्कॉम्बोबुलेटर बताया गया है। ट्रंप के अनुसार, यह कोई पारंपरिक मिसाइल या बम नहीं है, बल्कि एक ऐसा घातक अस्त्र है जो बिना किसी शोर-शराबे या रोशनी के दुश्मन को पूरी तरह से लकवाग्रस्त कर देता है।
डिस्कॉम्बोबुलेटर तकनीकी रूप से एक पल्स्ड एनर्जी वेपन है। यह हथियार बारूद की जगह अत्यधिक शक्तिशाली ऊर्जा तरंगें छोड़ता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला में इस हथियार के प्रभाव से वहां तैनात रूस और चीन के उन्नत सैन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया था। जब अमेरिकी कमांडो मादुरो को पकड़ने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तब वेनेजुएला की सेना के रडार, रेडियो और डिफेंस सिस्टम पूरी तरह जाम हो गए थे। वहां के सैनिक अपने रॉकेट दागने के लिए बटन दबाते रह गए, लेकिन तकनीकी ब्लैकआउट की वजह से पूरा सिस्टम ठप पड़ा रहा।
यह हथियार केवल मशीनों ही नहीं, बल्कि इंसानी शरीर और दिमाग पर भी घातक प्रहार करता है। जानकारों के मुताबिक, यह हथियार ऐसी सोनिक या माइक्रोवेव लहरें उत्सर्जित करता है जो सीधे मनुष्य के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर हमला करती हैं। इसके प्रभाव से व्यक्ति पूरी तरह भ्रमित हो जाता है और उसके शरीर की गतिशीलता खत्म हो जाती है। वेनेजुएला के एक सुरक्षाकर्मी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हमले के वक्त उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसका सिर फटने वाला हो। सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और कई लोग खून की उल्टियां करने लगे। बिना एक भी गोली चले, सैकड़ों सैनिक जमीन पर गिर पड़े और हिलने-डुलने तक के काबिल नहीं रहे।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप द्वारा इस गुप्त तकनीक का सार्वजनिक रूप से नाम लेना दुनिया के अन्य प्रतिद्वंद्वी देशों, विशेषकर ईरान के लिए एक बड़ी चेतावनी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका आने वाले समय में अपने इसी ब्रह्मास्त्र का उपयोग ईरान के खिलाफ भी कर सकता है। अदृश्य रहकर दुश्मन की तकनीक और सेना को अपाहिज बना देने वाला यह हथियार युद्ध के पारंपरिक तरीकों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। फिलहाल, इस खुलासे के बाद रूस और चीन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस डिस्कॉम्बोबुलेटर ने आधुनिक युद्ध कौशल की नई और खौफनाक परिभाषा जरूर लिख दी है।

रैगिंग के आरोप में 6 छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित
Rahul Gandhi के भोपाल दौरे से पहले सियासत तेज
‘बम फटने वाला है…’ लाल किला और विधानसभा को उड़ाने की धमकी
टीम इंडिया की लुटिया डूबो कर ही मानेंगे गौतम गंभीर! हार के सबसे बड़े कसूरवार, प्लानिंग की चूक या जिद का खेल?
विधानसभा में सरकार घिरी, छात्रावास हादसे और योजना पर तीखी बहस
चार साल बाद वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे होंगे आमने-सामने, भारत की नजर भी इस मुकाबले पर रहेगी
जबलपुर में राकेश सिंह का बयान: बजट से प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार
रिटायर सैन्य अधिकारियों पर किताब लिखने की कोई पाबंदी नहीं: रक्षा मंत्री का स्पष्टीकरण
पावरप्ले में 'पावर' गायब!: टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी क्यों हो रही फेल? पांच मैचों में सिर्फ 34 रन की साझेदारी
शीर्ष क्रम फेल...उपकप्तान अक्षर को बाहर कर सुंदर को जगह!: इन सात वजहों से हारा भारत, टीम मैनेजमेंट सवालों में