महतारी वंदन योजना से वनांचल की महिलाएं हो रही सशक्त
रायपुर : महतारी वंदन योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में एक नया उजाला लाया है। ग्रामीण इलाकों में रोजगार की कमी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन यापन करना कठिन था। इस योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक संबल मिला है, जिससे उनका जीवन बेहतर हुआ है और महिलाओं का आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।
कोरबा जिले के सुदूर वनांचल और पहाड़ों के बीच बसे ग्राम बोड़ानाला की रहने वाली सुखमत और राजकुमारी मंझवार का जीवन पहले कई कठिनाइयों से घिरा हुआ था। संसाधनो के अभाव और आर्थिक तंगी ने उनके रोजमर्रा के जीवन को चुनौतीपूर्ण बना दिया था। महतारी वंदन से मिलने वाली आर्थिक सहायता ऐसे परिवार के लिए एक वरदान साबित हुई है, जिसने न केवल उनके जीवन को सरल बनाया, बल्कि उनके परिवार को भी एक नई दिशा दी। अब वह खुद को आत्मनिर्भर महसूस करती हैं। हितग्राही सुखमत मंझवार ने योजना से मिल रहे लाभ के सुखद अनुभव को साझा करते हुए बताया कि परिवार की आमदनी के नियमित और स्थिर स्रोत नहीं होने के कारण उनके दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने की समस्या सदैव बनी रहती थी, जिससे आर्थिक संकट की समस्या निरंतर उनके परिवार को घेरे रहता था। उनके गांव की खेती जमीन डुबान में चले जाने से खेती की संभावना भी नहीं रह गयी थी, उनके पति रोजी-मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाते थे। जब महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें वित्तीय सहायता मिलने लगी, तो उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया। इस योजना से मिलने वाली राशि ने उनके घरेलू खर्चों को पूरा करना आसान बना दिया। अब वह न केवल परिवार के खर्चों को सहजता से पूरा कर पाती हैं, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त भी बना रही हैं।
इसी प्रकार लाभार्थी राजकुमारी मंझवार ने बताया कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊँचाइयाँ दी हैं। इस योजना ने वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को एक नई दिशा दी है, जिससे वे न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार की भी खुशहाली के लिए सक्षम बन रही हैं। योजना के माध्यम से एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता हर माह मिलने से राजकुमारी अपने भविष्य के लिए निश्चिन्त रहती है।
दैनिक जरूरतों, घरेलू उपभोग की चीजों की पूर्ति के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, वह स्वयं आवश्यक उपयोगी चीजों की पूरा करने में सक्षम बन गई है।
गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने नई SIT गठित करने को कहा
कांग्रेस विधायक के सवाल पर सरकार का जवाब, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने की योजना नहीं
बाराबंकी में CM योगी का विपक्ष पर वार, बोले- अब उत्तर प्रदेश विकास और रक्षा उत्पादन का केंद्र
छात्र प्रदर्शन पर प्रियंका गांधी का हमला, लाठीचार्ज और आंसू गैस को लेकर सरकार से पूछे सवाल
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, देवंगना कलीता को केस के दस्तावेज देखने की नहीं मिली इजाजत
शशि थरूर ने सरकार को घेरा, संसद में हंगामे और लाठीचार्ज को लेकर साधा निशाना
क्या गौतम गंभीर पर हो रही थी चर्चा? विराट-रोहित का वायरल मोमेंट बना चर्चा का विषय
'2 घंटे बिठाकर हमसे 10 मिनट...' CJP प्रवक्ता सौरभ दास का बड़ा दावा, सरकार पर उठाए सवाल
पत्नी से झगड़े में बाप बना शिकार, डिंडोरी में बेटे ने फरसे से उतारा मौत के घाट